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समय पर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं पूरी करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी: नितिन गडकरी

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को गुजरात में आयोजित 'चिंतन शिविर 2026- ए नेशनल कॉन्क्लेव ऑन हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर' का उद्घाटन करते हुए कहा कि देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और परियोजना क्रियान्वयन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं।
 

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को गुजरात में आयोजित 'चिंतन शिविर 2026- ए नेशनल कॉन्क्लेव ऑन हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर' का उद्घाटन करते हुए कहा कि देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और परियोजना क्रियान्वयन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं।

इस दो दिवसीय आयोजन में विभिन्न राज्यों के परिवहन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य राजमार्ग विकास, परियोजना क्रियान्वयन और अवसंरचना निर्माण से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करना है।

गडकरी ने कहा कि चिंतन शिविर केंद्र और राज्यों को एक साझा मंच उपलब्ध कराता है, जहां वे जमीनी स्तर के अनुभवों को साझा कर सकते हैं और राजमार्ग विकास में सामने आने वाली चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाश सकते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई गई सफल कार्य प्रणालियों और नवाचारों की पहचान की जानी चाहिए तथा जहां संभव हो, उन्हें दूसरे राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन और अवसंरचना निर्माण के परिणामों को बेहतर बनाया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में राजमार्ग विकास का फोकस गुणवत्ता, सुरक्षा, गति और विश्वस्तरीय मानकों पर होना चाहिए। उन्होंने परियोजनाओं की शुरुआत से पहले बेहतर योजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

गडकरी ने बताया कि डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करते समय विस्तृत सर्वेक्षण, सड़क के संरेखण (एलाइनमेंट) की योजना, भूमि अधिग्रहण, उपयोगिताओं के स्थानांतरण और आवश्यक वैधानिक मंजूरियों की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि प्रारंभिक स्तर पर तैयारी बेहतर हो, तो परियोजनाओं में देरी और लागत वृद्धि को काफी हद तक रोका जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को भी राजमार्ग नियोजन और परियोजना डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर निर्माण और योजना चरण में ही उपयुक्त सुरक्षा उपायों को शामिल करने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

चिंतन शिविर के विषयगत सत्रों में परियोजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और ऐसे व्यावहारिक समाधानों पर चर्चा की जा रही है, जिन्हें देशभर में दोहराया जा सके।

गडकरी ने नई तकनीकों, नवाचारी निर्माण पद्धतियों और कम लागत वाली लेकिन टिकाऊ निर्माण सामग्रियों के अधिक व्यापक उपयोग का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और निर्माण एवं रखरखाव लागत दोनों में कमी आएगी।

उन्होंने राज्यों और क्रियान्वयन एजेंसियों से आग्रह किया कि वे अपने नवाचारों और जमीनी अनुभवों को साझा करें, ताकि पूरे देश को उनका लाभ मिल सके। गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण और रखरखाव को और बेहतर बनाने के लिए अनुसंधान, तकनीक और निरंतर सुधार पर विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि यदि परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन, सुरक्षा और तकनीकी नवाचारों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए, तो भारत विश्वस्तरीय सड़क अवसंरचना के निर्माण में और तेजी से आगे बढ़ सकता है।

--आईएएनएस

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