निशांत कुमार ने राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि दी, नीतीश कुमार के शासन की सराहना की
पटना, 23 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने सोमवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के चित्र पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित की।
अपने दौरे के दौरान, निशांत कुमार का पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पार्टी मुख्यालय में लगभग एक घंटा बिताया और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक मामलों और सरकार के कामकाज पर चर्चा की।
आईएएनएस से बात करते हुए निशांत कुमार ने बिहार में 2005 से पहले की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौरान राज्य में दंगे और हिंसा की घटनाएं लगातार होती रहीं। उन्होंने अपने पिता को कानून व्यवस्था बहाल करने और राज्य में स्थिरता लाने का श्रेय दिया।
निशांत कुमार ने अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा पर राम मनोहर लोहिया के गहरे प्रभाव पर जोर दिया। निशांत कुमार ने आईएएनएस को बताया कि नीतीश कुमार लोहिया को अपना गुरु मानते थे और पटना के गांधी मैदान में उनके भाषण को सुनकर उनसे बहुत प्रेरित हुए थे।
लोहिया के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए निशांत कुमार ने कहा कि ये सिद्धांत लैंगिक समानता, जाति और सामाजिक भेदभाव का उन्मूलन, आर्थिक न्याय और सत्य एवं अहिंसा के पालन पर केंद्रित थे।
निशांत ने आईएएनएस को बताया कि मेरे पिता ने इन आदर्शों को अपनाया और जन कल्याण के लिए इन्हें शासन में लागू किया। उन्होंने महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया और समाज के सभी वर्गों में समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने हमेशा सत्य का मार्ग अपनाया और सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी बनाए रखी।
इस यात्रा और उनके बयानों ने राजनीतिक हलकों में ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह निशांत कुमार की एक दुर्लभ सार्वजनिक और राजनीतिक भागीदारी है।
निशांत कुमार ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि जब 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदभार संभाला था, तब बिहार लगातार दंगों और अशांति की घटनाओं से जूझ रहा था—एक ऐसी स्थिति जिसे उन्होंने कहा कि उनके पिता के नेतृत्व में प्रभावी ढंग से नियंत्रण में लाया गया था।
बिहार दिवस के अवसर पर, निशांत कुमार ने राज्य की जनता को अपनी शुभकामनाएं और बधाई दीं।
--आईएएनएस
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