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मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में कांग्रेस नेता सायेम चौधरी गिरफ्तार, एनआईए की कार्रवाई

कोलकाता, 25 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों के उत्पीड़न के मामले में कांग्रेस नेता सायेम चौधरी को गिरफ्तार किया गया है।
 

कोलकाता, 25 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों के उत्पीड़न के मामले में कांग्रेस नेता सायेम चौधरी को गिरफ्तार किया गया है।

मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व उम्मीदवार रहे सायेम चौधरी को एजेंसी के कोलकाता कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।

यह मामला अप्रैल में मोथाबाड़ी के ब्लॉक विकास कार्यालय के घेराव से जुड़ा है, जहां एसआईआर कार्य में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक बंधक बनाया गया था। साथ ही विधानसभा चुनाव से पहले उनके वाहनों पर भी हमला किया गया था।

एनआईए अधिकारियों के अनुसार, सायेम चौधरी को बाबू चौधरी के नाम से भी जाना जाता है। जांचकर्ताओं को ऐसे वीडियो फुटेज मिले हैं, जिनमें बाबू चौधरी एसआईआर प्रक्रिया और न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ भड़काऊ बयान देते दिखाई दे रहे हैं।

एजेंसी को यह भी संदेह है कि बीडीओ कार्यालय से लौटते समय न्यायिक अधिकारियों के वाहनों पर हुए हमले में भी उनकी भूमिका हो सकती है। अब तक इस मामले में 72 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 31 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।

इससे पहले राज्य पुलिस ने शाहजहां अली कादरी को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें एनआईए की हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस मामले में गोलाम रब्बानी नामक इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) नेता को भी गिरफ्तार किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल में जब एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी, तब सायेम चौधरी से पूछताछ की गई थी। हालांकि, पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण उस समय उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था। बाद में नए सबूत मिलने के बाद उन्हें कोलकाता बुलाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया।

एनआईए ने कहा कि इस मामले की जांच जारी है और चुनाव से पहले हुई व्यापक हिंसा के पीछे की बड़ी साजिश में शामिल सभी आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही है।

एजेंसी ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से रोकने और भीड़ के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच कर रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी