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बंगाल: आनंदपुर गोदाम में लगी आग, एनएचआरसी टीम ने घटना स्थल का किया दौरा

कोलकाता, 3 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को आनंदपुर गोदाम में लगी आग की घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
 
बंगाल: आनंदपुर गोदाम में लगी आग, एनएचआरसी टीम ने घटना स्थल का किया दौरा

कोलकाता, 3 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को आनंदपुर गोदाम में लगी आग की घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने भी इस क्षेत्र का दौरा किया।

पुलिस के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल सोमवार दोपहर पश्चिम बंगाल पहुंचा और शाम को उन्होंने दक्षिण 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। मंगलवार को वे आनंदपुर स्थित घटना स्थल पर गए, जहां उन्होंने स्थिति के सभी पहलुओं का जायजा लिया और सबूत जुटाए।

ऐसी खबरें हैं कि वे बाद में बारुईपुर जिले के पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर सकते हैं।

इसी बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर चौधरी ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने इस भयावह घटना के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप 27 लोगों की मौत हुई।

हालांकि, पुलिस ने उन्हें आग लगने वाली जगह पर जाने की अनुमति नहीं दी। आनंदपुर गोदाम के बाहर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए चौधरी ने कहा, "कोलकाता के बीचो-बीच इतनी बड़ी घटना घटी है। सत्ताधारी पार्टी के पूर्ण समर्थन के बिना किसी वेटलैंड पर अवैध रूप से कारखाना बनाना असंभव है।"

उन्होंने सवाल उठाया कि कारखाने में अग्नि सुरक्षा उपायों का अभाव क्यों है और प्रशासन को अभी तक यह जानकारी क्यों नहीं है कि कारखाने का मालिक कौन है या वहां कितने कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के नेताओं की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी करते हुए इस तरह का जानलेवा कारखाना बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आगजनी स्थल का दौरा न करने की आलोचना करते हुए चौधरी ने कहा, "शहर के केंद्र से कुछ ही किलोमीटर दूर इतने सारे लोगों की जान चली गई, फिर भी मुख्यमंत्री ने यहां आने की जहमत तक नहीं उठाई। उन्होंने आज खुद को एक निर्दयी, निर्दयी और क्रूर शासक के रूप में साबित कर दिया है। उन्हें यहां काली पट्टी बांधकर आना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय वह दिल्ली में 'तमाशा' कर रही हैं।"

दरअसल, पुष्पांजलि डेकोरेटर के गोदाम और वाव मोमो फैक्ट्री में 26 जनवरी को आग लग गई। 32 घंटे तक, युद्धस्‍तर की तत्परता के साथ काम करने के बावजूद अग्निशमन सेवा आग पर आसानी से काबू नहीं पा सकी। 12 दमकल गाड़ियां लगातार तैनात रहीं। गोदामों के अंदर फंसे मजदूर की मौत हो गई। नरेंद्रपुर पुलिस ने मोमो बनाने वाली कंपनी के मैनेजर और डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले, पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम के मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार किया गया था।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी