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एनएचआरसी ने रेवाड़ी केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट की घटना पर रिपोर्ट मांगी

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट में तीन श्रमिकों की मौत और कई अन्य के घायल होने की मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है।
 
एनएचआरसी ने रेवाड़ी केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट की घटना पर रिपोर्ट मांगी

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट में तीन श्रमिकों की मौत और कई अन्य के घायल होने की मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है।

इन खबरों में कही गई बातों को अगर सच माना जाए तो पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है। इसी को देखते हुए सर्वोच्च मानवाधिकार निकाय ने हरियाणा के मुख्य सचिव और रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

एनएचआरसी ने कहा कि रिपोर्ट में घायल श्रमिकों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और मृतकों और घायलों के परिजनों को दिए गए मुआवजे का विवरण शामिल होना चाहिए।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह विस्फोट 19 मई को रेवाड़ी जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में हुआ, जब कारखाने के चिलिंग प्लांट में मरम्मत का काम चल रहा था। विस्फोट के कारण आग लग गई, जिसमें छह लोग घायल हो गए।

घायल श्रमिकों में से एक की 20 मई को अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य श्रमिकों के कंकाल कारखाने परिसर से बरामद किए गए।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह फैक्ट्री घरेलू और विदेशी बाजारों के लिए रासायनिक उत्पाद और एल्युमीनियम फॉयल और इंडस्ट्रियल इंक का निर्माण करती है। कई विस्फोटों के बाद, लगभग 300 कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकाला गया।

एक अलग मामले में, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तराखंड के देहरादून जिले के एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना से संबंधित एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें एक मरीज की मृत्यु हो गई थी।

मानवाधिकारों की सर्वोच्च संस्था ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 20 मई को निजी अस्पताल में आग लगी, जिसका कारण कथित तौर पर एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट था, जिसके बाद आग पूरे परिसर में फैल गई। कुल 14 मरीजों को बचाया गया और इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इनमें से एक महिला मरीज को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि चार अन्य को बाद में छुट्टी दे दी गई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पाया कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा है और उसने संबंधित अधिकारियों से दोनों मामलों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

--आईएएनएस

एमएस/