गुजरात में महिला पर हमले और महाराष्ट्र में बोरवेल के दूषित पानी पर एनएचआरसी सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में एक विवाहित महिला के साथ उसके पति और परिवार के सदस्यों द्वारा मारपीट और अमानवीय व्यवहार की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। एक अन्य मामले में एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले में बोरवेल के पानी के दूषित होने की मीडिया रिपोर्ट पर भी स्वतः संज्ञान लिया है।
मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के तथ्यों पर गौर करते हुए कहा है कि अगर ये बातें सच हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग ने सुरेंद्रनगर के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कहा है कि इस रिपोर्ट में पीड़िता की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और उसे दिए गए किसी भी मुआवजे का विवरण शामिल होना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महिला जिस पुरुष के साथ रह रही थी, उसे महिला के पति और परिवार वालों ने ढूंढ निकाला। वे इस बात से बेहद नाराज थे कि वह उस पुरुष के साथ रह रही थी।
वे दोनों को 'शुद्धिकरण अनुष्ठान' कराने के बहाने वापस सुरेंद्रनगर ले आए।
आरोप है कि महिला को डंडों से पीटा गया, लात मारी गई और एक पेड़ से बांध दिया गया। यह भी आरोप है कि आरोपियों ने महिला के साथ मौजूद पुरुष को ही उसके साथ बलात्कार करने के लिए मजबूर किया।
यह घटना तब सामने आई जब इस कथित हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
एक अन्य मामले में एनएचआसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले में अंबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थित दत्ता नगर इलाके में बोरवेल के पानी के दूषित होने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि पास के कारखानों से निकलने वाले रसायनों के रिसाव के कारण पानी दूषित हुआ है।
मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने महाराष्ट्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी इस पर टिप्पणी मांगी है।
एनएचआरसी ने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट में बताई गई बातें अगर सच हैं तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है।
7 अक्टूबर को छपी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दत्ता नगर के निवासियों को पिछले दो महीनों से दूषित बोरवेल का पानी मिल रहा है। आरोप है कि पास के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कारखानों से निकलने वाले रसायनों के रिसाव के कारण ऐसा हो रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चों को स्कूल न जाने की सलाह दी गई है, जबकि डॉक्टरों ने इलाके की महिलाओं को फिलहाल गर्भवती न होने की सलाह दी है।
स्थानीय निवासियों को साफ पीने का पानी खरीदने के लिए हर महीने लगभग 5,000 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं, इसके अलावा उन्हें इलाज पर भी काफी पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
--आईएएनएस
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