बाढ़ से प्रभावित पुंछ और राजौरी के लिए खराब मौसम की चेतावनी, किशनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अलर्ट जारी
जम्मू/श्रीनगर, 21 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू और कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में अगले 48 घंटों तक बारिश से नुकसान का खतरा बना हुआ है। वहीं, बांदीपोरा जिला प्रशासन ने मंगलवार को किशनगंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने बताया कि पिछले तीन दिनों में पुंछ और राजौरी जिलों में 50 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है, जिससे जमीन पूरी तरह पानी से भर गई है और उसमें और पानी सोखने की क्षमता बहुत कम हो गई है। इसके कारण पानी का बहाव बढ़ेगा और ढलान की स्थिरता कम हो जाएगी, खासकर ज़िले के ऊंचे इलाकों में। इसका नतीजा यह होगा कि पहाड़ी इलाकों और संवेदनशील सड़कों के आस-पास भूस्खलन, मडस्लाइड, अचानक बाढ़, ढलान धंसने और ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा काफी बढ़ जाएगा।
एक और बड़ी चिंता यह है कि अगले दो दिनों में आने वाले 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) से इन जिलों में बारिश बढ़ सकती है। चूंकि पुंछ और राजौरी पीर पंजाल रेंज के इलाके में आते हैं, इसलिए जम्मू-कश्मीर में आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर सबसे पहले इन्हीं इलाकों पर पड़ता है।
मिट्टी में पानी भर जाने, ढलानों के कमजोर होने और और बारिश होने की संभावना के कारण, हल्की या भारी बारिश से भी नई घटनाएं हो सकती हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान पुंछ और राजौरी में मौसम से जुड़ी तबाही का सबसे अधिक खतरा है और लोगों को तेजी से बदलते हालात को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
इस बीच, खराब मौसम और किशनगंगा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गुरेज के सब-डिविजनल प्रशासन ने सभी पर्यटकों और स्थानीय टेंट कॉलोनी मालिकों को एहतियात के तौर पर तुरंत नदी के किनारे खाली करने की सलाह दी है।
यह एडवाइजरी सोमवार शाम को तुलेल घाटी के जेडगाई गांव और गुरेज के अचूरा गांव में लगातार हुए बादल फटने की घटनाओं के बाद जारी की गई है।बांदीपोरा जिले में पिछले एक हफ्ते में बादल फटने की तीसरी घटना हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बादल फटने से कई घरों और खेती की जमीन को नुकसान पहुंचा है।
पानी के बहाव में अचानक बढ़ोतरी से अचानक बाढ़ आने और नदी के किनारों पर और नुकसान होने की चिंता भी बढ़ गई है।
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से नदियों, नालों और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने और आधिकारिक एडवाइजरी का सख्ती से पालन करने की अपील की है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें तैनात की जा रही हैं।
--आईएएनएस
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