मध्य प्रदेश: रायसेन के जंगल में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली, पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती
रायसेन, 2 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के एक जंगली इलाके में कंटीली झाड़ियों और बारिश के पानी के बीच एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। पुलिस का अनुमान है कि बचाए जाने से पहले वह जन्म के बाद लगभग चार घंटे तक वहीं रही होगी।
मंगलवार को बम्हौरी तहसील के डुंगरिया खुर्द गांव में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। आवाज का पीछा करते हुए उसे बच्ची कंटीली झाड़ियों के बीच पानी में पड़ी मिली। उस जगह पर कोई और मौजूद नहीं था। चरवाहे ने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्ची को बचाया।
उसे पहले बम्हौरी सब-हेल्थ सेंटर ले जाया गया और बाद में हालत गंभीर होने के कारण सिलवानी और रायसेन के अस्पतालों में रेफर कर दिया गया। रायसेन जिला अस्पताल में बच्ची को सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर उसकी कड़ी निगरानी कर रहे हैं।
एसएनसीयू के इंचार्ज डॉ. आलोक राय ने बताया कि कंटीली झाड़ियों के कारण बच्ची के शरीर पर चोट के निशान थे और बारिश के पानी के संपर्क में रहने से उसका शरीर अकड़ गया था। अस्पताल लाए जाने पर वह कमजोर भी थी और उसे भूख भी लगी थी।
डॉक्टरों का अनुमान है कि बच्ची का जन्म सुबह करीब 5 बजे हुआ था और उसके तुरंत बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया था। माना जा रहा है कि वह तीन से चार घंटे तक बारिश के पानी और कीड़े-मकोड़ों के संपर्क में रही।
बम्हौरी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज प्रीतम सिंह राजपूत ने बताया कि जिस जगह बच्ची मिली, वह जंगली जानवरों वाला घना जंगल है, जिससे उसे वहां छोड़ना बेहद खतरनाक था। राजपूत ने कहा, "ऐसे जंगल में नवजात को छोड़ना जानलेवा साबित हो सकता था। हमने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और माता-पिता की पहचान के लिए आसपास के गांवों में पूछताछ कर रहे हैं।"
पुलिस टीमें जंगल और आसपास के गांवों में पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची को वहां कौन लाया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
इसी बीच, घटना की जानकारी मिलने पर बाल कल्याण समिति की सदस्य ममता पटेल ने जिला अस्पताल का दौरा किया और डॉक्टरों से बच्ची की हालत व इलाज के बारे में जानकारी ली। पटेल ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि समिति ने लावारिस बच्ची के मामले में आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने आगे बताया कि बच्चा अगले तीन से चार दिनों तक मेडिकल देखरेख में रहेगा।
--आईएएनएस
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