कोटा के अस्पताल में हुई मौतों और बीकानेर में किडनी फेल होने के मामलों पर गहलोत ने सीएम भजनलाल को लिखा पत्र
जयपुर, 19 जून (आईएएनएस)। राजस्थान के कोटा और बीकानेर जिले में सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद महिलाओं की मौत और कई अन्य महिलाओं की किडनी फेल होनी की घटनाओं पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उच्चतम स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे एक पत्र में, गहलोत ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा करके सरकारी अस्पतालों में जाने वाली गरीब महिलाओं को कथित लापरवाही और सिस्टम की कमियों की भारी कीमत चुकानी पड़ी है।
अशोक गहलोत ने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, जिम्मेदार अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, उन्हें सस्पेंड करने और प्रभावित महिलाओं के जीवन भर के इलाज की सरकारी गारंटी देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण को रोकने के इंतजाम और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गहलोत ने कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं की मौत और कई महिलाओं की किडनी फेल होने के मामलों पर भी गहरी चिंता जताई।
उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
गहलोत ने इन घटनाओं को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की 'संस्थागत विफलता' करार दिया। उन्होंने जांच रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करने, जिम्मेदार अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने और प्रभावित महिलाओं के लंबे समय तक इलाज की सरकारी गारंटी देने की मांग की।
गहलोत ने कहा कि उन्होंने 17 जून को व्यक्तिगत रूप से कोटा का दौरा किया और प्रभावित महिलाओं और उनके परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल में देखी गई स्थितियों को 'दिल दहला देने वाला' बताया और कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा करने वाली गरीब महिलाओं को बुरी तरह निराश किया गया है।
पत्र के अनुसार, 4 मई के बाद से कोटा अस्पताल में प्रसव के बाद पांच महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य किडनी खराब होने की समस्या से जूझ रही हैं और उन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत है।
बीकानेर के बीपीएम अस्पताल में प्रसव के बाद कई महिलाओं की किडनी फेल होने की खबर को लेकर गहलोत ने कहा कि जांच के नतीजों से गंभीर कमियों का पता चला है, जिनमें खराब साफ-सफाई, ऑपरेशन थिएटर के पास संक्रमण का खतरा और क्रिटिकल-केयर सुविधाओं की कमी शामिल है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि एम्स और राज्य की एजेंसियों की ओर से तैयार की गई जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने के लिए पारदर्शिता जरूरी है कि समस्या की वजह दवाएं, इलाज के तरीके, मरीज की देखभाल या संक्रमण रोकने के उपाय थे या नहीं; साथ ही, जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी यह जरूरी है।
--आईएएनएस
एसडी/पीएम
