यमुना जल समझौते के साथ राजस्थान में विकास के नए युग की शुरुआत: सीएम भजनलाल शर्मा
जयपुर, 30 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान और हरियाणा के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित यमुना जल परियोजना समझौते को जल प्रबंधन के इतिहास में एक 'स्वर्ण अध्याय' बताया।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह समझौता केवल पानी के बंटवारे की व्यवस्था से कहीं अधिक है। यह राजस्थान के करोड़ों निवासियों के उज्ज्वल भविष्य, जल सुरक्षा और समृद्धि के लिए एक मजबूत आधार है।
नई दिल्ली में जोधपुर हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग तीन दशकों से लंबित इस प्रोजेक्ट का पूरा होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रभावी मार्गदर्शन और केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बेहतरीन तालमेल को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि 'डबल-इंजन सरकार' ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब जन-कल्याण सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है तो सामूहिक संकल्प और राजनीतिक इच्छाशक्ति से दशकों पुरानी चुनौतियों का भी समाधान किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल सुरक्षा, प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन का एक अहम स्तंभ है। इसी विजन से प्रेरित होकर, राजस्थान सरकार हर नागरिक के लिए पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पानी न केवल जीवन का आधार है, बल्कि कृषि, उद्योग, निवेश, रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और समग्र सामाजिक विकास के लिए भी सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है।
इस प्रोजेक्ट के महत्व को बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 34,102 करोड़ रुपए की यह पहल राज्य की पानी से जुड़ी चुनौतियों का स्थायी समाधान करेगी, खासकर शेखावाटी जैसे पानी की कमी वाले इलाकों में।
यह प्रोजेक्ट लाखों परिवारों के लिए सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करेगा, भूजल पर निर्भरता कम करेगा, जल संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देगा।
यह निवेश, रोजगार, कृषि, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देकर एक विकसित राजस्थान बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने आगे कहा कि पानी की बेहतर उपलब्धता से औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनेगा, नया निवेश आएगा, कृषि और पशुपालन को नई गति मिलेगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार होगा।
यह प्रोजेक्ट राजस्थान की दीर्घकालिक जल प्रबंधन रणनीति को भी मजबूत करेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना और मजबूत हुई है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी धन्यवाद किया और कहा कि उनके निरंतर मार्गदर्शन, सक्रिय पहल और राजस्थान व हरियाणा के बीच रचनात्मक बातचीत को आसान बनाने के प्रयासों से ही इस जटिल मुद्दे पर सहमति बन पाई।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल द्वारा दिए गए तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग को भी सराहा। मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट को समय पर और अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हर चरण की बारीकी से निगरानी की जाएगी ताकि यह पक्का किया जा सके कि इसके फायदे राजस्थान के लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचें।
उन्होंने इस प्रोजेक्ट को सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर पहल नहीं, बल्कि राजस्थान के भविष्य में एक ऐतिहासिक निवेश बताया।
आने वाले सालों में, यमुना का पानी विकास, समृद्धि और खुशहाली का एक नया दौर लाएगा, जिससे लाखों लोगों की ज़िंदगी बदल जाएगी और एक विकसित, आत्मनिर्भर और जल-सुरक्षित राजस्थान की मजबूत नींव पड़ेगी।
--आईएएनएस
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