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भारत मंडपम में 'नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026' शनिवार से होगा शुरू, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। दुनिया का सबसे बड़ा बुक फेयर 'नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026' शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में शुरू होगा। इस कार्यक्रम के साथ ही किताबों, विचारों और संस्कृतियों के एक भव्य उत्सव की शुरुआत होगी। इस मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे।
 
भारत मंडपम में 'नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026' शनिवार से होगा शुरू, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। दुनिया का सबसे बड़ा बुक फेयर 'नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026' शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में शुरू होगा। इस कार्यक्रम के साथ ही किताबों, विचारों और संस्कृतियों के एक भव्य उत्सव की शुरुआत होगी। इस मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे।

शिक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026' का उद्घाटन करेंगे।"

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस साल का मेला 'भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और ज्ञान @ 75' थीम पर आधारित है, जो भारत की रक्षा बलों के महत्वपूर्ण पलों, योगदानों और कहानियों पर ध्यान केंद्रित करता है। कतर गेस्ट ऑफ ऑनर होगा और स्पेन फोकस कंट्री होगा, जो इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण जोड़ेगा।

नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर का 53वां एडिशन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इसमें साहित्यिक कार्यक्रम 18 जनवरी तक चलेगा, जहां पहली बार आम जनता के लिए एंट्री पूरी तरह से फ्री रहेगी। इस कदम का मकसद देशभर में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लोगों की ज्यादा भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

'नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026' दुनियाभर से लोगों को एक साथ लाता है। इसमें 35 से ज्यादा देश, एक हजार से अधिक पब्लिशर्स, तीन हजार से अधिक स्टॉल्स, 600 साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम व एक हजार से ज्यादा स्पीकर्स शामिल होते हैं।

इससे पहले, शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में लिखा, "नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में दुनिया भर की कहानियों, विचारों, ज्ञान और संस्कृतियों के उत्सव में शामिल हों। कालजयी कृतियों और समकालीन लेखन से लेकर बाल साहित्य, अनुवाद और सोचने पर मजबूर करने वाली चर्चाओं तक, यह मेला प्रकाशकों, लेखकों और पाठकों को जीवंत मंच पर एक साथ लाता है।"

शिक्षा मंत्रालय ने आगे लिखा, "देश के सबसे बड़े साहित्यिक समारोहों में से एक में नई दुनियाओं की खोज करें, विचारों का आदान-प्रदान करें और पढ़ने की खुशी का जश्न मनाएं।"

--आईएएनएस

डीसीएच/