'भारत जोड़ो' का नया लोगो जारी, कर्नाटक के सीएम शिवकुमार ने इसे एकता का प्रतीक बताया
बेंगलुरु, 4 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार की 'भारत जोड़ो' पहल का नया लोगो शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने जारी किया। इस पहल का मकसद युवाओं को एक साथ लाना और एकता, सामाजिक सद्भाव और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस नई पहचान को राज्य के लोगों की सामूहिक आकांक्षाओं और एकता की भावना का प्रतीक बताया।
इस लोगो को लोगों की भागीदारी वाली एक प्रक्रिया के जरिए चुना गया, जिसमें पूरे राज्य से 255 एंट्रीज मिली थीं।
यह पहल कार्यक्रम के लिए एक खास विज़ुअल पहचान बनाने के मकसद से शुरू की गई थी, ताकि राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके और जिम्मेदार नागरिकता को प्रोत्साहित किया जा सके।
पारदर्शी, निष्पक्ष और पेशेवर चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सबमिट किए गए डिजाइनों की जांच और मूल्यांकन की जिम्मेदारी कर्नाटक चित्रकला परिषद को सौंपी गई थी।
विस्तृत मूल्यांकन के बाद, दो डिजाइनों को शॉर्टलिस्ट किया गया और अंतिम मंजूरी के लिए उपमुख्यमंत्री परमेश्वर के सामने पेश किया गया।
आखिरी लोगो बनाने के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए दो डिजाइनों के मुख्य एलिमेंट्स और कॉन्सेप्ट्स को क्रिएटिव तरीके से मिलाया गया, जिससे 'भारत जोड़ो' पहल को एक खास और अर्थपूर्ण विज़ुअल पहचान मिली।
खेल विभाग संभालने वाले परमेश्वर ने आधिकारिक तौर पर लोगो का अनावरण किया, जो कर्नाटक में इस प्रोग्राम को शुरू करने की दिशा में एक अहम पड़ाव है।
नया लोगो 'भारत जोड़ो' के मुख्य उद्देश्यों को दिखाता है, जिसमें एकता, एकजुटता, युवाओं की भागीदारी और कर्नाटक के लोगों की सामूहिक ताकत शामिल है।
लॉन्च पर प्रतिक्रिया देते हुए, सीएम शिवकुमार ने कहा कि यह लोगो सिर्फ एक विज़ुअल सिंबल नहीं है, बल्कि यह लोगों की उम्मीदों, आकांक्षाओं और भावना का प्रतीक है।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस घोषणा को शेयर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंतिम पहचान लोगों की भागीदारी वाली प्रक्रिया से तैयार हुई है और इसमें शॉर्टलिस्ट किए गए डिजाइनों के विचारों को शामिल किया गया है।
शिवकुमार ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक में एक नई पहचान के साथ अपनी यात्रा शुरू कर रही है, एक ऐसी पहचान जो हम सबकी है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद युवाओं को एक साथ लाना, जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देना और राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगो डिजाइन करने की प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी से एक ऐसी पहचान बनाने में मदद मिली, जो सामूहिक विचारों और एकजुटता की भावना को दर्शाती है।
--आईएएनएस
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