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नेपाल बाढ़: कर्नाटक के 17 लोग अब भी लापता, सीएम शिवकुमार ने जीवित बचे मल्लिनाथ से की बात

बेंगलुरु, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच कर्नाटक के कम से कम 17 लोग अब भी लापता हैं। कर्नाटक सरकार ने नेपाल में फंसे कन्नड़िगाओं का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
 

बेंगलुरु, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच कर्नाटक के कम से कम 17 लोग अब भी लापता हैं। कर्नाटक सरकार ने नेपाल में फंसे कन्नड़िगाओं का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, "हम लगातार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। 17 लोगों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है और उनकी तलाश जारी है।"

मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक से कई लोग नेपाल घूमने गए थे। कुछ लोगों की लोकेशन का पता चल गया है, जबकि कई अन्य अब भी लापता हैं।

उन्होंने कहा, "हम 24 घंटे काम कर रहे हैं। कुछ लोगों के बारे में अभी विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है। जल्द ही उनकी जानकारी साझा की जाएगी। कुछ लोग अपने परिवारों के संपर्क में हैं और उनसे बात भी कर रहे हैं।"

शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन और बेंगलुरु से राहत एवं निकासी अभियान का समन्वय कर रही है। साथ ही केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रियों के संपर्क में भी है।

उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश में राज्य सरकार स्वतंत्र रूप से अभियान नहीं चला सकती, इसलिए संबंधित अधिकारियों और भारत सरकार के साथ समन्वय बनाकर ही कन्नड़िगाओं को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने कलबुर्गी जिले के रहने वाले मल्लिनाथ के परिवार से संपर्क किया है, जो इस आपदा में जीवित बच गए हैं। शिवकुमार ने फोन पर मल्लिनाथ से भी बात की।

मल्लिनाथ ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, "सर, जो हमने देखा उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। हमारे आगे करीब 10 मिनट पहले निकली दो बसें लापता हो गईं। हम कैसे बचे, यह बताना मुश्किल है।"

इस पर मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या उन दोनों बसों में कर्नाटक के लोग भी सवार थे। मल्लिनाथ ने बताया कि उन बसों में सभी पर्यटक पश्चिम बंगाल के थे।

मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि काठमांडू पहुंचने के बाद क्या उनकी मुलाकात किसी अन्य कन्नड़िगा से हुई। मल्लिनाथ ने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से काठमांडू में हैं, लेकिन किसी भी कर्नाटक निवासी से संपर्क नहीं हो पाया है।

शिवकुमार ने मल्लिनाथ को सुरक्षित रहने और कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं लेने की सलाह दी। मल्लिनाथ ने कहा कि वह मुख्यमंत्री की सलाह का पालन करेंगे और बताया कि एक दिन पहले वह बाल-बाल बचे थे।

बातचीत के दौरान दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद का भी जिक्र हुआ। मल्लिनाथ ने कहा कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल का समर्थक हैं, लेकिन शिवकुमार के कामकाज की सराहना करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा चाहे जो भी हो, संकट की घड़ी में सभी कन्नड़िगा एकजुट हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार केंद्र सरकार और राजनयिक माध्यमों के साथ मिलकर लापता लोगों का पता लगाने और नेपाल में फंसे राज्य के नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।

--आईएएनएस

डीएससी