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नेपाल बाढ़: पीएम कार्यालय ने खोज और बचाव अभियान को बंद करने का लिया फैसला

काठमांडू, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को बताया कि नेपाली सरकार ने 26 अगस्त को देश में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद शुरू किए गए खोज और बचाव अभियान को बंद करने का फैसला किया है, क्योंकि अब जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है।
 

काठमांडू, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को बताया कि नेपाली सरकार ने 26 अगस्त को देश में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद शुरू किए गए खोज और बचाव अभियान को बंद करने का फैसला किया है, क्योंकि अब जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है।

भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ से नदी के किनारे बसे इलाकों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने के 40 दिन बाद, सरकार ने अब पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कामों को प्राथमिकता दी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह फैसला जिला सुरक्षा समितियों, जिला आपदा प्रबंधन समितियों, राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की सिफारिशों और जमीनी निरीक्षण से मिली जानकारी के आधार पर लिया गया।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस आपदा में अब तक कुल 1,455 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 5,285 लोग लापता हैं।

बैठक में वित्त मंत्रालय से 559.18 अरब नेपाली रुपये (3.62 अरब अमेरिकी डॉलर) के बजट की सिफारिश करने का भी फैसला किया गया। यह बजट 26 अगस्त की आपदा और मानसून से जुड़ी अन्य आपदा ग्रस्त इलाकों के पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए 504 योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए होगा।

राष्ट्रीय योजना आयोग और राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण की संयुक्त तकनीकी टीम द्वारा तैयार 'रैपिड डिजास्टर नीड्स असेसमेंट' (आरडीएनए) रिपोर्ट के अनुसार, हालिया बाढ़ से अनुमानित 274.48 अरब नेपाली रुपये का भौतिक नुकसान हुआ है, जबकि कुल नुकसान 408.28 अरब नेपाली रुपये तक पहुंच गया है।

शुरुआती आकलन से पता चलता है कि प्रभावित बुनियादी ढांचे और संपत्तियों के पुनर्निर्माण और बहाली के लिए 723 अरब नेपाली रुपये से ज्यादा की जरूरत होगी। अब, नेपाली सरकार नुकसान के व्यापक आकलन के साथ 'आपदा-बाद जरूरत आकलन' पर काम कर रही है।

परिषद ने राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं की लागत का अनुमान अभी तय नहीं हुआ है या जिन्हें अभी प्राथमिकता नहीं दी गई है, उनके बारे में जानकारी मिलने पर अतिरिक्त बजट की व्यवस्था की सिफारिश करे।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि आपदा प्रबंधन के काम संघीय, प्रांतीय और स्थानीय सरकारों के बीच तालमेल से किए गए हैं और पुनर्निर्माण और पुनर्वास का काम भी इसी तरह से किया जाएगा।

बैठक में भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ और मानसून से जुड़ी अन्य आपदाओं में जान-माल के नुकसान पर दुख जताया गया। बैठक में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

काउंसिल ने खोज, बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों में शामिल सुरक्षा कर्मियों, चुने हुए प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, प्राइवेट सेक्टर के संगठनों, वॉलंटियर्स और मीडिया कर्मियों के साथ-साथ संकट के समय मदद करने वाले देशों और विकास सहयोगियों का भी धन्यवाद किया।

--आईएएनएस

केआर/