सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी लेक्चरर को महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार
नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 'नीट-यूजी 2026' पेपर लीक मामले में एक कथित सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े थे और उनके पास गोपनीय प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी।
सीबीआई के अनुसार, अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में पीवी कुलकर्णी ने 14 मई को गिरफ्तार मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को संगठित किया और पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं।
इन विशेष कोचिंग कक्षाओं के दौरान उन्होंने प्रश्न, विकल्प और सही उत्तर लिखवाए। छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा और ये प्रश्नपत्र 3 मई 2026 को आयोजित नीट के वास्तविक प्रश्न पत्र से हूबहू मेल खाते हैं।
गहन पूछताछ के बाद लातूर के रहने वाले पीवी कुलकर्णी को पुणे में गिरफ्तार किया गया। पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देश भर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त की गई वस्तुओं का विस्तृत फॉरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण जारी है।
बता दें कि सीबीआई ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 'नीट यूजी 2026' परीक्षा के कथित पेपर लीक के संबंध में दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 12 मई को मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होते ही विशेष टीमें गठित की गईं और देश भर में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए गए तथा कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है और आगे की पूछताछ के लिए सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और अब तक केमिस्ट्री प्रश्नपत्र लीक के स्रोत का पता चल चुका है। साथ ही, उन बिचौलियों की पहचान भी कर ली गई है, जो उन छात्रों को जुटाने में शामिल थे, जिन्होंने इन प्रश्न पत्रों को तैयार करने और उन पर चर्चा के लिए विशेष कोचिंग कक्षाओं में भाग लेने के लिए लाखों रुपए का भुगतान किया था।
--आईएएनएस
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