स्थानीय निकाय चुनावों में एनडीए पिछड़े वर्गों को 34 प्रतिशत टिकट आवंटित करेगा: चंद्रबाबू नायडू
अमरावती, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि एनडीए आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों (बीसी) को 34 प्रतिशत टिकट आवंटित करेगा। यह घोषणा सुप्रीम कोर्ट द्वारा आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका खारिज करने के बाद की गई, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों में बीसी के लिए 34 प्रतिशत आरक्षण को रद्द कर दिया गया था।
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन बीसी समुदाय से 34 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतारेगा।
वह प्रकाशम जिले के नरसिंगोलू में किसानों को पट्टादार पासबुक वितरित करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
चंद्रबाबू नायडू सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका खारिज किए जाने के बाद बोल रहे थे।
1 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्ग के लिए 34 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले दो सरकारी आदेशों को रद्द कर दिया।
हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार, स्थानीय निकायों में सभी श्रेणियों के लिए कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री नायडू ने 18 अगस्त को बढ़े हुए कोटा की घोषणा करते हुए कहा था कि ग्रामीण स्थानीय निकायों में बीसी समुदाय को 34 प्रतिशत और शहरी स्थानीय निकायों में 33.33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दावा किया कि बीसी समुदाय समाज का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है और पिछले 45 वर्षों से टीडीपी की रीढ़ और समर्थन का स्रोत रहा है।
उन्होंने कहा कि हमने उन्हें राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से ऊपर उठाने के लिए कई बदलाव किए। एनटीआर ने स्थानीय निकायों में बीसी समुदाय के लिए 24 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था, जिसे मैंने बढ़ाकर 34 प्रतिशत कर दिया था। हालांकि, पिछली सरकार ने इसे वापस 24 प्रतिशत कर दिया।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि जब गठबंधन सरकार ने आरक्षण को फिर से बढ़ाने की कोशिश की, तो वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने अदालतों का रुख किया और इसे रोक दिया। उन्होंने कहा कि 'एक्स पार्टी' बीसी समुदाय से नफरत करती है। फिर भी, एनडीए गठबंधन उन्हें 34 प्रतिशत सीटें आवंटित करेगा।
मुख्यमंत्री ने 'मी भूमी-मी हक्कू' कार्यक्रम के तहत किसानों के बीच पट्टादार पासबुक का वितरण किया।
उन्होंने कहा कि सरकार त्रुटिरहित पट्टादार पासबुक वितरित कर रही है। अब तक 40.58 लाख पासबुक वितरित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि अकेले अक्टूबर में ही हमने 790 गांवों के 4 लाख से अधिक किसानों को राजसी मुहर वाली पासबुक दीं।
वाईएसआरसीपी को निशाना बनाते हुए नायडू ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में जमीनों की कोई सुरक्षा नहीं थी। उन्होंने कहा कि चाहे घर पर हो या बाहर, डर के साये में जीना पड़ता था। इससे पहले से कहीं ज्यादा समस्याएं पैदा हो गईं। सभी व्यवस्थाओं में एक खालीपन आ गया था। हम दो इंजन वाली सरकार के जरिए इन समस्याओं को हल करते हुए विकास की ओर बढ़ रहे हैं।
--आईएएनएस
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