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एनसीडीईएक्स ने भारत का पहला मौसम डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट 'रेनमुंबई' लॉन्च किया, जानिए कैसे करेगा काम

मुंबई, 21 मई (आईएएनएस)। एग्रीकल्चर कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स ने भारत का पहला एक्सचेंज ट्रेडेड मौसम डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट 'रेनमुंबई' को लॉन्च कर दिया है। इसे सेबी से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
 
एनसीडीईएक्स ने भारत का पहला मौसम डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट 'रेनमुंबई' लॉन्च किया, जानिए कैसे करेगा काम

मुंबई, 21 मई (आईएएनएस)। एग्रीकल्चर कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स ने भारत का पहला एक्सचेंज ट्रेडेड मौसम डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट 'रेनमुंबई' को लॉन्च कर दिया है। इसे सेबी से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।

एक्सचेंज द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट 29 मई से एक्सचेंज पर ट्रेड करना शुरू करेगा।

एनसीडीईएक्स द्वारा जारी बयान में कहा गया कि इससे मानसून की अनिश्चितता एक अप्रत्याशित चुनौती ना रहकर एक विनियमित और वैज्ञानिक ढांचे के भीतर मापने योग्य, प्रबंधनीय और व्यापार योग्य जोखिम में बदल जाएगी।

साथ ही, कहा कि आईआईटी मुंबई के सहयोग से विकसित और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक डेटा पर आधारित यह उत्पाद, प्रतिभागियों को बारिश के उतार-चढ़ाव से होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाव करने में सक्षम बनाता है।

एनसीडीईएक्स के अनुसार, वर्षा आधारित डेरिवेटिव एक ऐसा अनुबंध है जिसका भुगतान एक निश्चित अवधि में किसी विशिष्ट स्थान पर दर्ज की गई वास्तविक वर्षा पर निर्भर करता है।

एक्सचेंज ने आगे बताया कि वर्षा का मापन वर्षामापी यंत्रों और स्वचालित मौसम स्टेशनों (एडब्ल्यूएस) का उपयोग करके किया जाता है और इसे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मानदंडों के अनुसार सुबह 8:30 बजे से सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे के मानक चक्र में दर्ज किया जाता है।

एक्सचेंज ने बताया कि ‘रेनमुंबई’ मानसून के मौसम (जून से सितंबर) के दौरान मुंबई में होने वाली वर्षा में दीर्घकालिक औसत (एपीए) से होने वाले विचलन पर नजर रखेगा और यह वैज्ञानिक रूप से संरचित संचयी विचलन वर्षा (सीडीआर) मॉडल पर आधारित है।

इसके अलावा, यह मॉडल आईएमडी के सतही वर्षा डेटा और सांताक्रूज और कोलाबा के स्वचालित मौसम स्टेशन (एडब्ल्यूएस) प्रेक्षणों का उपयोग करता है, जिसकी तुलना 30 वर्षों के ऐतिहासिक डेटासेट (1991-2020 एलपीए) से की गई है।

यह प्रणाली नकद निपटान पर आधारित होगी और इसे भौतिक हानि आकलन के बिना पारदर्शी, डेटा-आधारित निपटान सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे तेज और अधिक कुशल जोखिम प्रबंधन संभव हो सकेगा।

एनसीडीईएक्स ने कहा कि यह उत्पाद किसानों, निर्माण कंपनियों, बिजली कंपनियों, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों और कृषि ऋण से जुड़े बैंकों सहित हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला को लक्षित करता है, और एक ऐसा जोखिम प्रबंधन उपकरण प्रदान करता है जो बीमा और सरकारी राहत उपायों जैसे पारंपरिक तंत्रों का पूरक है और उनसे कहीं आगे जाता है।

एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ अरुण रास्ते ने कहा, “भारत सदियों से मानसून की अनिश्चितता का सामना कर रहा है। रेनमुंबई प्रत्येक हितधारक को इस अनिश्चितता को प्रबंधित करने के लिए एक विनियमित, वैज्ञानिक उपकरण प्रदान करता है।”

--आईएएनएस

एबीएस/