कर्नाटक: महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज, भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बेंगलुरु, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस बिल का विरोध कर कांग्रेस ने अपना “महिला विरोधी चेहरा” उजागर कर दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक ने कहा, “देश की महिलाएं कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगी। ऐसे में कांग्रेस के महिला विंग को भंग कर देना ही उचित है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने महिलाओं को संवैधानिक अधिकार देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया, लेकिन विपक्षी दलों ने लोकसभा में इसका विरोध किया।
अशोक ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सोच है कि महिलाओं को 2,000 रुपये और मुफ्त बस यात्रा देना ही पर्याप्त है, उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में महिलाएं इसका जवाब देंगी।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 60 वर्षों तक शासन करने के बावजूद उन्होंने महिला आरक्षण लागू नहीं किया। वहीं जब मौजूदा सरकार ने यह कदम उठाया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया।
परिसीमन के मुद्दे पर भी अशोक ने कहा कि दक्षिण भारत की 129 लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 195 तक किया जा सकता है और अगर इस पर कोई मतभेद था तो चर्चा की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका पहले भी पालन किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को सड़कों पर उतरकर कांग्रेस से सवाल करना चाहिए और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले तीन तलाक कानून का भी विरोध किया था।
अशोक ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे का चुनावी लाभ नहीं उठा रही है, बल्कि कांग्रेस भी इस बिल का समर्थन कर इसका श्रेय ले सकती थी। उन्होंने कहा कि यह बिल तीन वर्षों में लागू हो जाएगा, लेकिन पिछले 60 सालों में इसे लागू नहीं किया गया।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मंचों पर महिलाओं के अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन उन्हें लागू करने में विफल रही है।
अंत में अशोक ने कहा, “अगर कांग्रेस ने इस बिल के समर्थन में वोट नहीं दिया, तो उसके महिला विंग को भंग करना चाहिए। महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करने वाली कांग्रेस सरकार को जनता कभी माफ नहीं करेगी।”
--आईएएनएस
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