बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों के बीच नामीबिया सरकार का बड़ा कदम, सितंबर तक नई पेट्रोलियम आयात व्यवस्था करेगी लागू
विंडहोक, 31 मई (आईएएनएस)। नामीबिया सरकार ईंधन की लागत कम करने और देश की ईंधन आपूर्ति शृंखला की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर के अंत तक राज्य-समन्वित पेट्रोलियम आयात प्रणाली लागू करने की योजना बना रही है। यह जानकारी नामीबिया के उद्योग, खनन एवं ऊर्जा मंत्रालय ने दी।
उद्योग, खनन एवं ऊर्जा मंत्री मोदेस्टस अमुत्से ने कहा कि सरकार बल्क पेट्रोलियम इंपोर्ट कोऑर्डिनेशन रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने के उन्नत चरण में है। इन नियमों के लागू होने के बाद सरकार देश में सभी पेट्रोलियम उत्पादों के आयात का समन्वय करेगी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमुत्से ने बताया कि इन सुधारों से राष्ट्रीय मांग को एकीकृत करने, बड़े पैमाने पर खरीद के लाभ प्राप्त करने और मूल ईंधन मूल्य पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को समाप्त करने के जरिए आयात लागत कम होने की उम्मीद है।
अमुत्से ने कहा कि मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के बाद नामीबिया वैश्विक तेल की कीमत बढ़ने से दबाव में है, जिससे सरकार ने कंज्यूमर्स को तेल की ज्यादा प्राइस से बचाने के लिए एक बिलियन नामीबियाई डॉलर (लगभग 62 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से ज्यादा देने का वादा किया है।
उन्होंने कहा, "हम जिस इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं, वह सप्लाई की नहीं, बल्कि कॉस्ट की है।" उन्होंने कहा कि अगर दखल नहीं दिया जाता तो जुलाई से फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ जातीं, जिससे ट्रांसपोर्ट, खाना और दूसरी जरूरी चीजों पर असर पड़ता।
उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हालात मुश्किल बने रहते हैं, तो सरकार कोऑर्डिनेटेड इंपोर्ट फ्रेमवर्क के तहत भविष्य के प्रोक्योरमेंट राउंड में हिस्सा लेने के लिए सप्लायर्स को बुला सकती है।
नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने 15 अप्रैल को कहा कि नामीबिया अपने ऑयल और गैस सेक्टर में गवर्नेंस को मजबूत करने और निवेश लाने के लिए सुधारों को आगे बढ़ा रहा है, क्योंकि यह पहले ऑयल प्रोडक्शन के करीब पहुंच रहा है।
विंडहोक में आयोजित आठवें नामीबिया अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश तेल उत्पादन के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां निवेश, नीतिगत स्थिरता और सहयोग दीर्घकालिक आर्थिक विकास की कुंजी होंगे।
उन्होंने कहा, “पहले तेल उत्पादन और उसके बाद की यात्रा के लिए साझेदारी, निवेश और दक्षता आवश्यक है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे प्राकृतिक संसाधन समावेशी और सतत विकास में परिवर्तित हों।”
राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार देश के पेट्रोलियम कानूनों और नियामक ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि उन्हें उद्योग की बदलती जरूरतों और राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बनाया जा सके। संसद में लंबित पेट्रोलियम अन्वेषण और उत्पादन संशोधन विधेयक का उद्देश्य शासन व्यवस्था को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों को स्पष्टता प्रदान करना है।
राष्ट्रपति के अनुसार, पेट्रोलियम क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को देखते हुए अपस्ट्रीम पेट्रोलियम इकाई को राष्ट्रपति कार्यालय के अधीन लाया गया है, जिससे समन्वय, निर्णय-प्रक्रिया और जवाबदेही में सुधार होगा।
हाल के वर्षों में ऑरेंज बेसिन में कई बड़े अपतटीय (ऑफशोर) तेल भंडारों की खोज के बाद नामीबिया वैश्विक ऊर्जा कंपनियों का प्रमुख निवेश केंद्र बनकर उभरा है। टोटलएनर्जीज, शेल और गैल्प एनर्जिया जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की खोजों ने देश को एक संभावित प्रतिस्पर्धी पेट्रोलियम उत्पादक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि ये खोजें राजस्व वृद्धि, बुनियादी ढांचे के विकास, औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था में व्यापक परिवर्तन ला सकती हैं।
उन्होंने हाल ही में स्वीकृत स्थानीय सामग्री नीति (लोकल कंटेंट पॉलिसी) का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य कौशल विकास, रोजगार और व्यापारिक अवसरों के जरिए नामीबियाई नागरिकों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रपति ने कहा, “पहला तेल उत्पादन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जरूर होगा, लेकिन यही अंतिम लक्ष्य नहीं है। हमारा उद्देश्य संरचनात्मक आर्थिक परिवर्तन, समावेशी विकास और सभी नामीबियाई नागरिकों के लिए दीर्घकालिक समृद्धि सुनिश्चित करना है।”
उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि नामीबिया सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित स्थिर तथा अनुमानित निवेश माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
