टेक्नोलॉजी और हमारी अपनी कहानियों का मेल खोलेगा भारतीय सिनेमा के लिए नई संभावनाएं : नाग अश्विन
मुंबई, 28 सितंबर (आईएएनएस)। फिल्ममेकर नाग अश्विन अपनी फिल्मों में अलग तरह की कहानियों और बड़े विजुअल्स के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' में भी माइथोलॉजी, साइंस फिक्शन और भविष्य की दुनिया का अनोखा मेल देखने को मिला था, जिसके चलते फिल्म ने कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए।
अब नाग अश्विन ने भारतीय सिनेमा के भविष्य और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर अपनी राय साझा की है। उनका मानना है कि जैसे-जैसे नई टेक्नोलॉजी ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी, वैसे-वैसे फिल्ममेकर्स के लिए अपनी कहानियों को बड़े और अलग तरीके से पर्दे पर दिखाने के मौके भी बढ़ेंगे।
इंटरव्यू के दौरान जब आईएएनएस ने नाग अश्विन से पूछा कि क्या भारतीय सिनेमा के लिए असली अवसर तकनीक को अपनी संस्कृति और पहचान से जुड़ी कहानियों के साथ जोड़ने में है, तो उन्होंने इससे पूरी सहमति जताई। नाग अश्विन ने कहा, "हां, बिल्कुल। मुझे लगता है कि तकनीक को हमारी अपनी कहानियों और दर्शन के साथ जोड़ना भारतीय सिनेमा के लिए कई संभावनाएं खोल सकता है।"
उन्होंने आगे कहा, ''जैसे-जैसे यह टेक्नोलॉजी ज्यादा आसानी से उपलब्ध होगी, वैसे-वैसे ज्यादा अलग और मौलिक आवाजों को भी ताकत मिलेगी। इससे ज्यादा लोग प्रयोग कर सकेंगे और अपनी कहानियां अपने तरीके से बता सकेंगे। साथ ही उनके पास उन दुनियाओं को स्क्रीन पर उतारने के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी भी होगी।''
नाग अश्विन की फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' की बात करें, तो यह 2024 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में भारतीय माइथोलॉजी को साइंस फिक्शन की दुनिया के साथ जोड़ा गया था। फिल्म की कहानी 2898 एडी के भविष्य में काशी शहर के आसपास की दुनिया में दिखाई गई है। इसमें एक बच्चे को भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि से जोड़ा जाता है। यह फिल्म 'कल्कि सिनेमैटिक यूनिवर्स' की पहली फिल्म है।
फिल्म में अमिताभ बच्चन, कमल हासन, प्रभास, दीपिका पादुकोण, शोभना और दिशा पाटनी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में 'बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट' और 'बेस्ट स्पेशल इफेक्ट्स' का अवॉर्ड भी मिला।
--आईएएनएस
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