एमपीएससी पेपर लीक मामले पर विपक्ष ने की सख्त कार्रवाई और अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग
मुंबई, 26 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) ने पेपर लीक विवाद के बीच खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) पद की पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। आयोग ने यह फैसला 22 मार्च को हुई स्क्रीनिंग परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद लिया।
भर्ती प्रक्रिया रद्द होने के बाद महाराष्ट्र में विपक्ष ने सरकार और आयोग पर हमला तेज कर दिया है। एनसीपी (शरद पवार) और कांग्रेस ने कहा कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। दोनों दलों ने एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की भी मांग की है।
एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि आयोग की विश्वसनीयता से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि एमपीएससी अध्यक्ष को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और सरकार को उनकी जगह साफ छवि वाले व्यक्ति की नियुक्ति करनी चाहिए।
रोहित पवार ने दावा किया कि उन्होंने पेपर लीक के मामले में जांच एजेंसियों को सबूत दिए थे और अब जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि पेपर लीक हुआ था। उन्होंने आयोग के इस दावे पर सवाल उठाया कि पेपर केवल एक छात्र तक पहुंचा था। उनका आरोप है कि राज्यभर में एजेंटों के नेटवर्क के जरिए पेपर 40-40 लाख रुपये में बेचा गया।
उन्होंने मांग की कि आयोग जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे और यह भी बताए कि जिन एजेंटों के नाम दिए गए थे, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। साथ ही उन्होंने आयोग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मुद्दा उठाया था और परीक्षा रद्द करने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया रद्द होने को वर्षों से मेहनत कर रहे छात्रों की लड़ाई की जीत बताया।
वडेट्टीवार ने चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पेपर लीक के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
--आईएएनएस
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