पूर्वोत्तर भारत की फुटबॉल प्रतिभाओं को निखारने में जुटा नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, रक्षा खडसे ने की सराहना
शिलांग, 31 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के दौरे के दौरान क्लब के प्रबंधन, कोचिंग स्टाफ और युवा फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने देशभर, विशेषकर पूर्वोत्तर क्षेत्र से फुटबॉल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें विकसित करने के लिए क्लब द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मंडार तम्हाणे, रोहित थोराट, तकनीकी निदेशक एवं रिजर्व टीम के मुख्य कोच नौशाद मूसा सहित क्लब के प्रबंधन, कोचिंग स्टाफ और युवा खिलाड़ी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान क्लब नेतृत्व ने रक्षा खडसे को नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी की युवा विकास नीति, प्रतिभा पहचान प्रणाली और युवा फुटबॉलरों के लिए दीर्घकालिक विकास मार्ग तैयार करने की अपनी रणनीति के बारे में जानकारी दी।
क्लब ने बताया कि नौशाद मूसा के नेतृत्व में एक व्यापक प्रतिभा खोज अभियान चलाया गया, जिसके तहत कोच देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर उभरते हुए खिलाड़ियों की पहचान कर रहे हैं। खिलाड़ियों का चयन क्लब के कोचों और पूर्व खिलाड़ियों के नेटवर्क, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ द्वारा आयोजित युवा प्रतियोगिताओं तथा भारतीय युवा राष्ट्रीय टीमों का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लगातार मूल्यांकन के आधार पर किया गया।
चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में लगभग 60 प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को गुवाहाटी में ट्रायल के लिए बुलाया गया। चयनित खिलाड़ियों को क्लब की अंडर-18 और रिजर्व टीम का आधार बनाने की योजना है, जिससे क्लब की दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास प्रणाली और मजबूत होगी।
रक्षा खडसे ने प्रतिभा पहचान और खिलाड़ियों के विकास के लिए क्लब की सुनियोजित कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों के लिए जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक मजबूत अवसरों की श्रृंखला तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, "भारतीय फुटबॉल का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम प्रतिभाओं की पहचान कितनी जल्दी कर पाते हैं, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कितना उपलब्ध कराते हैं और आगे बढ़ने के लिए कितने व्यवस्थित अवसर प्रदान करते हैं। जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज, खिलाड़ी विकास और दीर्घकालिक योजना को जोड़ने वाली पहलें भारतीय फुटबॉल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए बेहद आवश्यक हैं।"
खडसे ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के सबसे मजबूत खेल क्षेत्रों में से एक है और यहां से लगातार उत्कृष्ट फुटबॉल प्रतिभाएं सामने आई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोचिंग, खेल अवसंरचना और वैज्ञानिक खिलाड़ी विकास में निरंतर निवेश से इस क्षेत्र की क्षमता को और अधिक बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों के विकास तंत्र को मजबूत करने और देशभर के युवा खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
मेघालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र के अपने दौरे के दौरान रक्षा खडसे खेल अवसंरचना, खिलाड़ी विकास कार्यक्रमों और युवाओं से जुड़े विभिन्न खेल अभियानों की भी समीक्षा कर रही हैं।
--आईएएनएस
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