रोजगार मेला 2026: राज्य मंत्री पेम्मासानी ने नए सरकारी कर्मचारियों से ईमानदारी से सेवा करने का आह्वान किया
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने शनिवार को नए नियुक्त सरकारी कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे ईमानदारी, सहानुभूति और लगातार सीखते रहने की प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा के काम में जुटें।
चेन्नई में आयोजित 20वें रोजगार मेले को संबोधित करते हुए मंत्री ने चुने गए लोगों और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मौका हजारों युवा भारतीयों के लिए एक अहम पड़ाव है, जिन्होंने कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद सरकारी नौकरी हासिल की है।
उन्होंने बताया कि देश भर में इस ताजा रोजगार मेले के तहत 51,000 से ज्यादा उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र मिले हैं, जिससे इस पहल के जरिए दी गई कुल नियुक्तियों की संख्या लगभग 12.75 लाख हो गई है।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी आज भी कई युवाओं के लिए एक बड़ा सपना है और परीक्षाओं व भर्ती प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों का साथ देने के लिए परिवारों की तारीफ की।
एक साधारण परिवार से डॉक्टर, उद्यमी और जन-प्रतिनिधि बनने तक के अपने सफर का जिक्र करते हुए मंत्री ने लगन, हालात के अनुसार ढलने की क्षमता और जीवन भर सीखते रहने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने चुने गए लोगों को सीनियर साथियों से सीखने और साथ ही अपनी पेशेवर क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का असरदार ढंग से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पेम्मासानी ने नए कर्मचारियों को अलग-अलग इलाकों में पोस्टिंग के लिए तैयार रहने और नई भाषाओं, संस्कृतियों व काम के माहौल को अपनाने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव आत्मविश्वास बढ़ाने और देश की विविधता को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं।
शासन के मानवीय पहलू पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को कभी भी यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके फैसलों का आम नागरिकों पर क्या असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जो चीज किसी अधिकारी के लिए रोजमर्रा की प्रशासनिक फाइल लग सकती है, वह किसी नागरिक के लिए बहुत निजी महत्व का मामला हो सकती है।
इसके अलावा, मंत्री ने चुने गए लोगों से पुरानी प्रथाओं पर सवाल उठाने, तथ्यों की स्वतंत्र रूप से जांच करने और प्रक्रियाओं का आंख बंद करके पालन न करने का आग्रह किया।
उनके अनुसार, सही फैसला लेने की क्षमता और ईमानदारी असरदार जन-सेवा के लिए जरूरी हैं। 2014 के बाद से भारत के विकास का जिक्र करते हुए, पेम्मासानी ने मोबाइल फोन बनाने, बुनियादी ढांचे के विकास, रेलवे के विद्युतीकरण और देश में ही रक्षा उपकरणों के उत्पादन में हुई बढ़ोतरी की ओर इशारा किया।
उन्होंने बताया कि रक्षा निर्यात 2013-14 में लगभग 600 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में लगभग 30,000 करोड़ रुपए हो गया है।
--आईएएनएस
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