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पॉक्सो मामले में अंतरिम जमानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट पहुंचे केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे, दायर की याचिका

हैदराबाद, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ ने पॉक्सो मामले में अंतरिम जमानत की मांग करते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया है। गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं, इसलिए यह याचिका अवकाशकालीन पीठ के समक्ष दाखिल की गई है। इस पर 14 मई को सुनवाई होगी।
 
पॉक्सो मामले में अंतरिम जमानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट पहुंचे केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे, दायर की याचिका

हैदराबाद, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ ने पॉक्सो मामले में अंतरिम जमानत की मांग करते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया है। गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं, इसलिए यह याचिका अवकाशकालीन पीठ के समक्ष दाखिल की गई है। इस पर 14 मई को सुनवाई होगी।

8 मई को साइबराबाद कमिश्नरेट के पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में बंदी भागीरथ के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन पर 17 वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप है।

पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 11 और 12 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75 के तहत मामला दर्ज किया।

इससे पहले 25 वर्षीय भागीरथ ने करीमनगर के टाउन पुलिस स्टेशन में लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि लड़की और उसके परिवार ने उन्हें हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की और पुलिस में शिकायत दर्ज न कराने के बदले 5 करोड़ रुपए मांगे।

उनकी शिकायत पर पुलिस ने लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से जुड़े विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

बंदी संजय ने अपने बेटे पर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि राजनीतिक विरोधी उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद को बंदी भागीरथ के खिलाफ दर्ज पॉक्सो मामले की तुरंत जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

डीजीपी को इस मामले की व्यापक जांच के लिए विशेष टीमें गठित करने को कहा गया। मामला नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी से यह भी सवाल किया कि 8 मई को शिकायत दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई?

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद साइबराबाद पुलिस आयुक्त ने डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रितिराज को मामले की जांच की व्यक्तिगत निगरानी करने को कहा।

डीसीपी ने पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन जाकर जांच की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मामले से जुड़े विवरणों की जांच की और संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त तथा स्टेशन हाउस ऑफिसर से बातचीत की।

आईपीएस अधिकारी ने मीडिया से कहा कि उन्होंने एसीपी और एसएचओ के साथ मामले में आगे उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की है। उन्होंने कहा, ''हमने कार्रवाई की योजना तैयार कर ली है और उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे।''

डीसीपी ने कहा कि पुलिस पहले ही पीड़िता का बयान दर्ज कर चुकी है, लेकिन उन्हें कुछ और जानकारी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह पीड़िता से फिर बात करेंगी।

अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पुलिस ने पॉक्सो मामला दर्ज होने के बाद जरूरी सभी कदम उठाए और दस्तावेज एकत्र किए।

उन्होंने संकेत दिया कि आरोपी फरार है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस को आरोपी मिल जाता है तो उसे निश्चित रूप से गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपी की कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी