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महाराष्ट्र में मानसून का कहर: मुंबई और तटीय जिलों में रेड अलर्ट किया गया जारी

मुंबई, 4 जुलाई (आईएएनएस)। पिछले 24 घंटों से जारी भारी और लगातार बारिश ने महाराष्ट्र को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे मुंबई, पूरे कोंकण क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
 

मुंबई, 4 जुलाई (आईएएनएस)। पिछले 24 घंटों से जारी भारी और लगातार बारिश ने महाराष्ट्र को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे मुंबई, पूरे कोंकण क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने 6 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान लगाया है, जिसके चलते अधिकारियों ने नागरिकों को केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सख्त सलाह जारी की है। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते आपातकालीन प्रतिक्रिया दल हाई अलर्ट पर हैं।

मुंबई में जुलाई के महीने की औसत मासिक वर्षा का 60 प्रतिशत केवल महीने के पहले तीन दिनों में ही दर्ज किया गया। परिणामस्वरूप आई बाढ़ ने कई निचले इलाकों को झीलों में तब्दील कर दिया है, जिससे गंभीर जलभराव, सड़कों के धंसने और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं हुई हैं।

भारी बाढ़ के कारण महत्वपूर्ण अंधेरी सबवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया गया है। अंधेरी एमआईडीसी में रोल्टा जंक्शन के पास और एसईईपीजेड गेट नंबर 2 के बाहर भीषण जलभराव के कारण जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (जेवीएलआर) की ओर जाने वाले यातायात में भारी बाधा उत्पन्न हुई है।

मुंबई की जीवनरेखा, स्थानीय रेल नेटवर्क, बुरी तरह प्रभावित हुआ। नालासोपारा स्टेशन पर जलभराव वाली पटरियों के कारण पश्चिमी रेलवे को स्थानीय ट्रेनों को सीमित गति से चलाना पड़ा, जिससे 15 से 20 मिनट की देरी हुई और व्यस्त समय के दौरान स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मुंबई के पड़ोसी जिलों में भी स्थिति कुछ ऐसी ही गंभीर है। डोंबिवली रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के बाजार पूरी तरह से जलमग्न हो गए। बाढ़ का पानी कई दुकानों में घुस गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और यात्रियों को कमर तक गहरे पानी में से होकर गुजरना पड़ा।

मुंब्रा में भारी बारिश हुई, जहां मात्र 6 घंटे में 88.84 मिमी बारिश दर्ज की गई। अमृत नगर इलाके की दुकानें पानी में डूब गईं। वसई के मिथागर बस्ती में सड़कें कमर तक पानी में डूब गईं, जिससे लगभग 150 परिवार और 1,000 से अधिक निवासी फंस गए।

घरों में पानी घुसने के खतरे को देखते हुए महावितरण (राज्य बिजली कंपनी) ने एहतियात के तौर पर बिजली काट दी।

--आईएएनएस

एमएस/