अमेरिका पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम को करेंगे संबोधित
वॉशिंगटन, 25 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत अमेरिका पहुंच गए हैं। वह न्यूयॉर्क शहर में 29 अगस्त को आयोजित होने वाले एक बड़े हिंदू समुदाय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसका उद्देश्य एकता, नागरिक जिम्मेदारी और वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के आयोजकों के अनुसार, भागवत का स्वागत 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' की टीम के सदस्यों ने किया। जारी तस्वीरों में उन्हें पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए देखा गया।
आयोजकों ने उनके आगमन पर कहा, “पूरा विश्व एक परिवार है।”
आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में लोगों से समाज में मौजूद विभाजनों से ऊपर उठने, मानवता को जोड़ने वाले संबंधों को पहचानने और आपसी सम्मान, सद्भाव तथा एकता को अपनाने का आह्वान किया जाएगा।
इसका संचालन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग फोरम कर रहा है। इसे अमेरिका भर के सैकड़ों सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सामाजिक और सामुदायिक संगठनों का सहयोग प्राप्त है।
आयोजकों का दावा है कि यह अमेरिका में आयोजित हिंदू समुदाय के सबसे बड़े और विविध कार्यक्रमों में से एक होगा। यह आयोजन हिंदू पर्व रक्षा बंधन के उत्सव के साथ भी जुड़ा रहेगा।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस कार्यक्रम में मुख्य संबोधन देंगे। आयोजकों का कहना है कि अमेरिका में बड़े सार्वजनिक आयोजनों में मोहन भागवत बहुत कम भाषण देते हैं, इसलिए उनके संबोधन पर भारत और अमेरिका दोनों जगह विशेष ध्यान रहेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों से जुड़े वक्ता भी शामिल होंगे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इस सम्मेलन का प्रमुख आधार भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम्' होगा, जिसका अर्थ है 'संपूर्ण विश्व एक परिवार है।'
आयोजकों के अनुसार, इस विचार को आधुनिक चुनौतियों का सामना संवाद, आपसी सम्मान, साझा जिम्मेदारी और सेवा भावना के माध्यम से करने के एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम में अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोग हिस्सा लेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन दिखाएगा कि विविधता बनाए रखते हुए भी एक समुदाय साझा मूल्यों के आधार पर एकजुट रह सकता है।
कार्यक्रम में सामुदायिक नेताओं, उद्यमियों, चिकित्सकों, शिक्षकों, वकीलों, कलाकारों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, पूर्व सैनिकों, धार्मिक प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों के शामिल होने की उम्मीद है।
इसके अलावा देशभर के मंदिरों, योग संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, सेवा संगठनों, सांस्कृतिक समूहों और अंतरधार्मिक समुदायों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होंगे।
अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग फोरम खुद को अमेरिका में हिंदू संगठनों और सामुदायिक नेताओं के बीच संवाद, नागरिक भागीदारी और रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा देने वाला मंच बताता है। यह हिंदू दर्शन, संस्कृति और अमेरिकी समाज में हिंदू समुदाय के योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य करता है।
--आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
