कश्मीर में पाबंदियों के बीच घर में नजरबंद हूं : मीरवाइज उमर फारूक
श्रीनगर, 6 मार्च (आईएएनएस)। कश्मीर के सीनियर धार्मिक नेता और मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को कहा कि अधिकारियों ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया है, क्योंकि पूरी घाटी में पाबंदियां जारी हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मीरवाइज उमर ने कहा, "घाटी में पाबंदियां जारी हैं और रमजान के पवित्र महीने में शुक्रवार को ये और बढ़ गई हैं। मुझे भी घर में नजरबंद कर दिया गया है। इन दिनों, जब हजारों लोग दुआ और रास्ता दिखाने के लिए मस्जिदों में आते हैं, जामा मस्जिद का पल्पिट शांत है और मस्जिद की ओर जाने वाली सभी गलियों में बैरिकेडिंग कर दी गई है। यह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।"
ईरान पर अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा, "आज कश्मीर में जो दुख है, वह सिर्फ इन पाबंदियों की वजह से नहीं है। दुनिया भर के मुसलमान इजरायली और अमेरिकी हमले से दुखी और बहुत परेशान हैं। इजरायल और अमेरिका अपने फायदे के हिसाब से इस इलाके को नया रूप देना चाहते हैं और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, जैसा कि एक देश के मुखिया और एक महान आध्यात्मिक गुरु अयातुल्ला खामेनेई की बेरहमी से हत्या और एक आजाद देश ईरान पर हमला, जिससे पूरा इलाका संकट और दुख में डूब गया है।"
उन्होंने कहा कि पूरे जम्मू-कश्मीर में घाटी से लेकर जम्मू, लद्दाख और कारगिल तक लोगों ने इस हमले की निंदा की है और एक उम्मा के तौर पर बंटवारे से ऊपर उठकर एक आवाज में एकजुटता दिखाई है।
उन्होंने आगे कहा, "उम्माह को ऐसे पलों में बांटा नहीं जा सकता। जब किसी एक हिस्से पर नाइंसाफी होती है, तो दर्द पूरे शरीर को होता है। मीरवाइज के तौर पर मैं ईरान के लोगों, फिलिस्तीनियों और उन लोगों के साथ दिल से खड़ा हूं जो इस इलाके और उससे आगे इस हमले का खामियाजा भुगत रहे हैं। सभी इंसानों की जान कीमती है और जंग और हिंसा इंसानों की बनाई मुसीबतें हैं, जिनसे कीमती जानें जाती हैं। अल्लाह सबकी रक्षा करे, दुख मनाने वालों को सब्र दे, जुल्म करने वालों को जल्दी इंसाफ दिलाए और जुल्म सहने वालों को आजाद करे।"
इस बीच, कश्मीर में पाबंदियां जारी रहीं और सभी जिलों, कस्बों और गांवों में शुक्रवार की नमाज जमात के साथ पढ़ी गई। घाटी में कहीं से भी किसी अनहोनी की खबर सामने नहीं आई।
--आईएएनएस
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