मंत्री नाथ ने 'विकसित त्रिपुरा' के लिए एकता का किया आह्वान, राज्यपाल के विकास संबंधी दृष्टिकोण को दिया समर्थन
अगरतला, 17 मार्च (आईएएनएस)। त्रिपुरा के संसदीय कार्य मंत्री रतन लाल नाथ ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा में राज्यपाल का संबोधन लोकतांत्रिक शासन, विकास और जन-केंद्रित नीतियों के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, उन्होंने 'विकसित त्रिपुरा' के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
त्रिपुरा विधानसभा के चल रहे सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बोलते हुए नाथ ने राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी द्वारा दिए गए भाषण को शासन का संवैधानिक प्रतिबिंब और राज्य की प्रगति के लिए एक व्यापक खाका बताया।
उन्होंने कहा, "राज्यपाल का भाषण केवल एक औपचारिक संबोधन नहीं है, बल्कि विकास, प्रगति और कल्याणकारी पहलों का एक रोडमैप है। यह मुख्यमंत्री माणिक साहा के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।"
उन्होंने राज्यपाल द्वारा बंगाली और आदिवासी कोकबोरोक भाषा में भाषण देने की भी सराहना की और इसे एक महत्वपूर्ण और समावेशी कदम बताया।
नाथ ने कहा कि इस संबोधन में समाज के सभी वर्गों को शामिल किया गया, जिनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पत्रकार, कलाकार और हाशिए पर रहने वाले समुदाय शामिल थे, जो समावेशी विकास की भावना को दर्शाता है।
मंत्री ने व्यापक राष्ट्रीय संदर्भ पर प्रकाश डालते हुए देश भर में तीव्र विकास को गति देने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
उन्होंने कहा कि भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है। उन्होंने देश की विकास गति को वैश्विक मान्यता मिलने का हवाला दिया।
मुख्यमंत्री के बाद दूसरे सबसे वरिष्ठ मंत्री नाथ ने बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि विकास और नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रमों, जैसे कि राष्ट्रीय सौर मिशन, जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों को इस प्रगति में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बताया।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए अंतिम छोर तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) पर भी तीखा हमला करते हुए दावा किया कि पार्टी ने जनता का समर्थन खो दिया है।
उन्होंने टिप्पणी की कि सीपीआई (एम) "जनता द्वारा अस्वीकृत 10 रुपए के सिक्के की तरह है" और इसकी वैचारिक स्थिति पर सवाल उठाया।
नाथ ने एकता का आह्वान करते हुए नागरिकों से त्रिपुरा को एक विकसित राज्य में बदलने की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया और सरकार के 'विकसित त्रिपुरा' के दृष्टिकोण को दोहराया।
--आईएएनएस
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