मणिपुर हिंसा पीड़ितों की राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार ने मंजूर की 947 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि
इंफाल, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मणिपुर सरकार द्वारा राज्य में जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए स्थापित राहत शिविरों के संचालन के लिए 424.36 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
राज्य गृह विभाग के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) के पुनर्वास के लिए 523 करोड़ रुपए भी स्वीकृत किए हैं। ये विवरण मणिपुर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरेश्वर गोस्वामी द्वारा दायर एक आरटीआई याचिका के जवाब में साझा किए गए थे।
गृह विभाग ने बताया कि राज्य में 3 मई, 2023 से 30 मार्च 2026 तक जातीय हिंसा के कारण गांवों में रहने वाले 58,881 लोग विस्थापित हुए हैं।
आरटीआई के जवाब के अनुसार, 10 मार्च 2026 तक 174 राहत शिविर कार्यरत थे। इसके अतिरिक्त, विस्थापित व्यक्तियों के लिए अस्थायी आवास प्रदान करने के लिए मणिपुर पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 3,000 पूर्वनिर्मित घरों का निर्माण किया गया है।
विभाग ने बताया कि मृतकों के परिजनों को किए गए अनुग्रह भुगतान के आधार पर हिंसा के संबंध में 217 मौतों को दर्ज किया गया है। हिंसा के कारण निजी और सरकारी संपत्तियों का भी व्यापक विनाश हुआ है, जिसमें 3 मई 2023 से अब तक 7,894 स्थायी मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं और 2,646 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
पहाड़ी जिलों में आयोजित आदिवासी एकजुटता मार्च के बाद 3 मई, 2023 को मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क उठी। यह मार्च मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में आयोजित किया गया था।
मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा मैतेई समुदाय से आता है और वे मुख्य रूप से इम्फाल घाटी में रहते हैं, जिसमें पांच से छह जिले शामिल हैं। नागा और कुकी सहित अन्य आदिवासी समुदाय आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं और वे मुख्य रूप से राज्य के ग्यारह पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं।
इस संकट के जवाब में राज्य सरकार ने शुरू में इम्फाल घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में 300 से अधिक राहत शिविर स्थापित किए थे, जिनमें लगभग 60,000 विस्थापित पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को आश्रय प्रदान किया गया था। स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने के साथ ही कई लोग अपने घरों और गांवों में लौट आए हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा है कि विस्थापितों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन में तेजी लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने स्थायी आवास के निर्माण, व्यक्तिगत सामान और चल संपत्तियों के नुकसान की भरपाई और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत में सहायता के लिए पर्याप्त समर्थन दिया है।
इसके अलावा हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन प्रयासों में तेजी लाने के लिए 2026-27 के बजट में 734 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
--आईएएनएस
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