Aapka Rajasthan

मेघालय: 11 विधायकों के दल-बदल के बाद यूडीपी का बड़ा फैसला, संगमा सरकार से समर्थन वापस

शिलांग, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मेघालय की सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए-दो) की प्रमुख घटक पार्टी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने मंगलवार को कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का औपचारिक निर्णय लिया। इसके साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ उसका लगभग तीन साल का संबंध समाप्त हो गया।
 

शिलांग, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मेघालय की सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए-दो) की प्रमुख घटक पार्टी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने मंगलवार को कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का औपचारिक निर्णय लिया। इसके साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ उसका लगभग तीन साल का संबंध समाप्त हो गया।

यह निर्णय पार्टी की केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीईसी) की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जो शनिवार को यूडीपी अध्यक्ष और एकमात्र विधायक मेटबाह लिंगदोह के राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफे के बाद लिया गया।

यूडीपी महासचिव टिटोस्टारवेल चाईने ने कहा कि लिंगदोह ने मंगलवार की बैठक के दौरान समिति को अपने मंत्री पद से इस्तीफे की जानकारी दी।

चाईने ने पत्रकारों को बताया कि अध्यक्ष ने सीईसी को सूचित किया है कि उन्होंने मंत्रिमंडल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और शनिवार को मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

उन्होंने कहा कि समिति का मानना ​​था कि पार्टी अध्यक्ष के मंत्रिमंडल से हटने के बाद पार्टी को सरकार से अलग हो जाना चाहिए और सर्वसम्मति से लिंगदोह से यूडीपी का समर्थन औपचारिक रूप से वापस लेने का आग्रह किया।

चाईने ने कहा कि लिंगदोह का इस्तीफा स्वैच्छिक था और किसी बाहरी दबाव के कारण नहीं था।

यह निर्णय यूडीपी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के बाद आया है, जिसके पास 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद केवल 12 विधायक बचे थे।

सितंबर में इसके आठ विधायकों ने भाजपा में विलय कर लिया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने 16 अक्टूबर को मान्यता दी।

इसके बाद, शेष तीन विधायकों, पॉल लिंगदोह, रेनीटन लिंगदोह टोंगखर और नुजोर्की सुंगोह ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जन पार्टी (एनपीपी) में विलय कर लिया। इसके बाद मेटबाह लिंगदोह पार्टी के एकमात्र विधायक रह गए।

60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी की संख्या बढ़कर 36 हो गई है और भाजपा के पास 10 विधायक हैं। ऐसे में यूडीपी के हटने से सरकार की संख्यात्मक स्थिति पर असर पड़ने की संभावना नहीं है।

चाईने ने कहा कि पार्टी अब अपने संगठनात्मक ढांचे के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगी, विशेष रूप से उन निर्वाचन क्षेत्रों में जहां अब उसके निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार से बाहर रहने से यूडीपी को स्वतंत्र रूप से जनता की चिंताओं को उठाने और मेघालय के लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह ठहराने की अनुमति मिलेगी।

--आईएएनएस

एमएस/