मेघालय में एनपीपी का कुनबा बढ़ेगा, यूडीपी के तीन विधायक होंगे शामिल
शिलांग, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। मेघालय में यूडीपी के शेष चार विधायकों में से तीन सोमवार को राष्ट्रीय जनवादी पार्टी (एनपीपी) में शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही 60 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ पार्टी की संख्या 33 से बढ़कर 36 हो सकती है। यह जानकारी यूडीपी नेता ने दी।
यूडीपी नेता पॉल लिंगदोह ने बताया कि ये तीनों विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की पार्टी में शामिल होंगे।
यह घटनाक्रम मेघालय विधानसभा अध्यक्ष द्वारा आठ यूडीपी विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को मान्यता देने के बाद सामने आया है, जिसकी औपचारिक अधिसूचना 16 अक्टूबर को जारी की गई थी।
इस मान्यता से यूडीपी की विधायकों की संख्या 12 से घटकर चार हो गई और भाजपा की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई।
ये आठ विधायक (लखमेन रिम्बुई, पियस मार्वेन, किरमेन शिला, मेयरालबोर्न सिएम, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुरबाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम और सिनशर कुपर रॉय लिंगदोह थाबाह) 23 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भाजपा में शामिल हुए।
इसके बाद उन्होंने विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर पार्टी में अपने विलय की सूचना दी।
अध्यक्ष ने संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद 4 के तहत विलय को मान्यता दी।
यूडीपी ने इससे पहले भाजपा में शामिल हुए कुछ विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की थी।
यदि शेष तीन विधायक भी एनपीपी में शामिल हो जाते हैं, तो यूडीपी के पास केवल एक विधायक रह जाएगा।
एनपीपी, भाजपा और यूडीपी, कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) के घटक दल हैं।
इन नवीनतम घटनाक्रमों से 2028 की शुरुआत में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संतुलन में बदलाव आने की उम्मीद है।
यूडीपी मेघालय में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय राजनीतिक शक्ति रही है, जहां क्षेत्रीय दलों ने पारंपरिक रूप से गठबंधन सरकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एमडीए के भीतर बदलते गठबंधनों के बीच ये नवीनतम दल-बदल हुए हैं, जिसमें भाजपा विधानसभा में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है और एनपीपी सदन में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।
--आईएएनएस
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