मेघालय में टूरिज्म तेजी से बढ़ेगा, विदेशी पर्यटकों की संख्या में होगी बढ़ोतरी: केंद्रीय मंत्री
शिलांग, 19 सितंबर (आईएएनएस)। विदेश और कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने भरोसा जताया है कि आने वाले सालों में मेघालय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और टूरिज्म की अभी तक इस्तेमाल न की गई संभावनाओं पर जोर दिया।
मेघालय को दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक बताते हुए मार्गेरिटा ने कहा कि यह पूर्वोत्तर राज्य पर्यटकों को अपनी खूबसूरत पहाड़ियों और हरे-भरे नजारों के अलावा और भी बहुत कुछ देता है। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मेघालय की समृद्ध जैव-विविधता, तरह-तरह के पेड़-पौधे और जीव-जंतु, सुंदर नजारे, पारंपरिक जीवनशैली, कला, संस्कृति और स्थानीय कपड़े मिलकर इसे टूरिज्म के लिए एक खास जगह बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि इन खासियतों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और बेहतर ढंग से प्रमोट करने की जरूरत है, ताकि दुनिया भर से पर्यटक आ सकें और राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जान सकें।
मार्गेरिटा के अनुसार, मेघालय में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म डेस्टिनेशन बनने की काफी संभावना है, बशर्ते इसकी खासियतों को सही रणनीति के साथ दिखाया और प्रमोट किया जाए।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मेघालय और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों का मकसद पर्यटन सेक्टर को मजबूत करना, क्षेत्र की क्षमता को विकसित करना और भारत व दुनिया के पर्यटन नक्शे पर पूर्वोत्तर की पहचान को बढ़ाना है।
मार्गेरिटा ने यह भी भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार मेघालय में पर्यटन से जुड़े विकास प्रोजेक्ट्स को मदद देना जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन के मौकों को बढ़ाने के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने और विकास की पहलों में तालमेल बिठाकर काम करना जरूरी होगा।
केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि मेघालय के प्राकृतिक नजारों, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय विरासत को लगातार बढ़ावा देने से आने वाले सालों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी।
उनकी ये बातें पूर्वोत्तर में पर्यटन के मौकों को बढ़ाने की कोशिशों के बीच आई हैं, जिसमें इस क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विविधता को उजागर किया जा रहा है।
मेघालय अपनी घुमावदार पहाड़ियों, झरनों, जीवित जड़ों से बने पुलों और अनोखी स्थानीय परंपराओं के लिए जाना जाता है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन का एक अहम केंद्र बना हुआ है। राज्य में पर्यटन की संभावनाएं प्रकृति-आधारित यात्रा, सांस्कृतिक अनुभवों और पारंपरिक शिल्प तक फैली हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच बढ़ाने के मौके मिलते हैं।
मार्गेरिटा की टिप्पणियां केंद्र के उस फोकस को रेखांकित करती हैं, जिसका मकसद मेघालय की पर्यटन खूबियों को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच राज्य की लोकप्रियता बढ़ाने वाली विकास पहलों का समर्थन करना है।
--आईएएनएस
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