एमडीएमके में बढ़ी हलचल, डीएमके से नाता तोड़ने और टीवीके का साथ देने की उठी मांग
चेन्नई, 2 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ आने की संभावना दिखाई दे रही है। वरिष्ठ नेता दुरई वाइको की पार्टी एमडीएमके के भीतर अब डीएमके गठबंधन से अलग होने और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ टीवीके सरकार को समर्थन देने की मांग तेज होती जा रही है। ऐसे में पार्टी जल्द ही कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकती है।
हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एमडीएमके ने डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। पार्टी को सिरकाजी, कडैयानल्लूर, मोडक्कुरिची और मदुरै साउथ समेत चार विधानसभा सीटें मिली थीं। गठबंधन की रणनीति के तहत एमडीएमके उम्मीदवारों ने डीएमके के चिन्ह पर चुनाव लड़ा।
इन सीटों पर सेंथिल सेलवन (सिरकाजी), राजेंद्रन (कडैयानल्लूर), सेंथिल नाथन (मोडक्कुरिची) और भूमिनाथन (मदुरै साउथ) को उम्मीदवार बनाया गया था। इनमें से सेंथिल सेलवन और राजेंद्रन ने जीत हासिल की, जिससे एमडीएमके को विधानसभा में दो सीटें मिलीं।
हालांकि, टीवीके सरकार बनने के बाद राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। पार्टी के कई नेता और पदाधिकारी अब वाइको से भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर पुनर्विचार करने और डीएमके गठबंधन से अलग होने की मांग कर रहे हैं।
इस चर्चा को और बल तब मिला जब सोमवार को एमडीएमके के प्रमुख सचिव और तिरुचिरापल्ली सांसद दुरई वाइको ने मुख्यमंत्री विजय के तिरुची ईस्ट विधानसभा क्षेत्र दौरे के दौरान उनका व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया। वहां मुख्यमंत्री विजय अपने मुख्यमंत्री बनने के बाद सीट खाली करने के उपरांत मतदाताओं का आभार जताने पहुंचे थे।
पत्रकारों से बातचीत में दुरई वाइको ने कहा, "दुर्भाग्य से हमने डीएमके के चिह्न पर चुनाव लड़ा। हम एक अलग राजनीतिक आंदोलन हैं। हम 'उगता सूरज' चिह्न पर चुनाव लड़ रहे थे, इसलिए हम टीवीके का समर्थन नहीं कर सके।"
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि यदि एमडीएमके स्वतंत्र राजनीतिक राह चुनती है, तो उसके विधायक सेंथिल सेलवन और राजेंद्रन विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा भी दे सकते हैं।
अब सबकी नजर 27 जून को चेन्नई में होने वाली एमडीएमके की महासभा बैठक पर टिकी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी की भविष्य की रणनीति, डीएमके से संबंधों और टीवीके सरकार को समर्थन देने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
-आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
