मुंबई का मेयर महायुति, हिंदू और मराठी से होगा: सीएम देवेंद्र फडणवीस
मुंबई, 3 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को दोहराया कि मुंबई का महापौर महायुति गठबंधन से होगा और वह 'हिंदू और मराठी' होगा।
देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव-राज ठाकरे के “भाईचारा” गठबंधन को सीधे चुनौती देते हुए मराठी और हिंदू महापौर का वादा करके शिवसेना (यूबीटी) और मनसे की अपील को कमजोर करने की कोशिश की और भाजपा के मुख्य हिंदुत्व मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि “ठाकरे ब्रांड” केवल बालासाहेब ठाकरे तक ही सीमित था और आज के मतदाता परिवार की विरासत से ज्यादा विकास और सुरक्षा को महत्व देते हैं।
बीएमसी चुनाव अभियान की शुरुआत के दौरान महायुति की संयुक्त रैली में बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अवैध प्रवासियों को बाहर करना सीधे मुंबई की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि अवैध निवासियों की “सफाई” जरूरी है ताकि शहर के संसाधन, जैसे कि घर और पानी, सिर्फ वैध नागरिकों और मिल वर्कर्स के लिए सुरक्षित रहें।
देवेंद्र फडणवीस ने दोहराया कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और निष्कासन केवल राजनीतिक वादा नहीं, बल्कि सुरक्षा का मुद्दा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एआई-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम को बेहतर किया है ताकि बिना वैध दस्तावेज वाले लोगों को ढूंढा जा सके और उन्हें वापस भेजा जा सके। उन्होंने कहा, “मुंबई को इसके असली निवासियों के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा।”
लंबे समय से चल रहे हाउसिंग संकट पर फडणवीस ने कहा कि अब सिर्फ “लॉटरी” पर निर्भर नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार अब मिल वर्कर्स के हाउसिंग लोन की गारंटी देगी, ताकि हर योग्य वर्कर अपना घर पा सके। उन्होंने कहा कि “दशकों की प्रतीक्षा अब खत्म हो रही है।” उन्होंने उद्धव ठाकरे पर आरोप लगाया कि उन्होंने बीएमसी में पड़े जमा पैसे का उपयोग मिल वर्कर्स को घर देने में नहीं किया।
फडणवीस ने उद्धव और आदित्य ठाकरे पर भी निशाना साधा कि वे मुंबई के बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे कोस्टल रोड और अटल सेतु का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट्स को उद्धव ठाकरे ने रोक दिया था, जिन्हें पिछले ढाई साल में पूरा किया गया।
फडणवीस ने मुंबई को 2029 तक “59 मिनट शहर” बनाने का अपना महत्वाकांक्षी लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा कि अक्वा लाइन (मेट्रो 3) और 411 किलोमीटर नेटवर्क के आने वाले चरणों के साथ, लोग शहर के किसी भी पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक एक घंटे से कम में पहुंच सकेंगे।
उन्होंने सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिलाया और ग्रीन मुंबई पहल शुरू की।
फडणवीस ने कहा, “मुंबई दक्षिण एशिया का पहला शहर बन गया है जिसने क्लाइमेट बजटिंग को संस्थागत किया है।” उन्होंने बताया कि ग्रीन प्रोजेक्ट्स पर 17,000 करोड़ रुपए (बीएमसी की पूंजी खर्च का 38%) खर्च किए जाएंगे।
प्रदूषण से निपटने के लिए अब सरकार 1,000 से अधिक निर्माण स्थलों की रियल-टाइम निगरानी कर रही है ताकि धूल और वायु गुणवत्ता मानकों का पालन हो।
उन्होंने कहा कि ये प्रयास मुंबई को 2050 तक नेट-जीरो शहर बनाने की ठोस योजना है।
सीएम ने कहा कि महायुति का चुनावी संदेश “विकास प्लस सुरक्षा प्लस पहचान” पर आधारित है। उन्होंने अवैध प्रवासियों के निष्कासन और मिल वर्कर्स के लिए घर उपलब्ध कराने को जोड़कर एक “मुंबई के असली निवासियों के लिए न्याय” की एकजुटता पेश करने की कोशिश की।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
