दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस युवा आबादी और मजबूत खपत के कारण भारत पर हमेशा थे बुलिश
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। दिग्गज निवेशक डॉ. मार्क मोबियस का निधन 89 वर्ष की आयु में हुआ। वे हमेशा से युवा आबादी और मजबूत खपत के कारण भारत पर बुलिश थे।
मोबियस ईएम अपॉर्चुनिटी फंड फॉर इमर्जिंग मार्केट्स (ईएम) फंड चलाने वाले अरबपति कारोबारी का मानना था कि मौजूदा सुधारों और नीतिगत निरंतर के बने रहने से आने वाले समय में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
इस साल फरवरी में आईएएनएस के साथ हुई एक हालिया बातचीत में उन्होंने कहा कि युवा आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण के साथ, भारत निर्यात बढ़ाने के अलावा उपभोक्ताओं का एक विशाल समूह तैयार कर रहा है।
मोबियस ने अन्य प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत की मजबूत विकास गति की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को और अधिक विस्तार देगा और मजबूत करेगा।
मोबियस ने आईएएनएस को बताया था, "युवा आबादी, तीव्र शहरीकरण, उच्च उपभोक्ता वृद्धि और मजबूत निर्यात भारत को उच्च विकास दर बनाए रखने में सक्षम बनाएंगे।"
मोबियस के अनुसार, उन्हें विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत की निरंतर बढ़ती रैंकिंग पर कोई आश्चर्य नहीं है। दिग्गज निवेशक ने कहा था, "मुझे आश्चर्य नहीं है कि भारत विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग में ऊपर चढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 140 करोड़ की आबादी अब वैश्विक मानचित्र पर अपना उचित स्थान पुनः प्राप्त करने के लिए उत्सुक है।"
उन्होंने आगे कहा कि भारत जिस तरह की जीडीपी वृद्धि देख रहा है, उससे उसे जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में मदद मिलेगी।
मोबियस ने कहा, "वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश 6-7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर रहा है, जो इसकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इससे भारत को आर्थिक विकास की सीढ़ियां चढ़ने में मदद मिलेगी।"
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के हालिया व्यापारिक संबंधों ने अमेरिका को भारत के साथ अपने समझौते को गति देने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने सौहार्दपूर्ण संबंधों के कारण अमेरिका से अनुकूल समझौता हासिल करने में सफल रहे, तो मोबियस ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के वार्ताकारों की टीमों द्वारा तैयार किया गया था।
उन्होंने आईएएनएस को बताया, "हालांकि, दोनों नेताओं के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों ने निश्चित रूप से प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद की।"
मोबियस ने कहा कि भारत में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की भी क्षमता है।
उनकी फर्म द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया,“प्रसिद्ध निवेशक और उभरते बाजारों में निवेश के क्षेत्र में अग्रणी डॉ. मार्क मोबियस का 15 अप्रैल, 2026 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। डॉ. मोबियस को उभरते बाजारों में शुरुआती निवेशकों में से एक माना जाता था। वे उन बाजारों में निवेश करने के लिए जाने जाते थे, जिन्हें अकसर वैश्विक निवेशक अनदेखा कर देते थे।”
बयान में आगे कहा गया है, “मोबियस इन्वेस्टमेंट्स के पार्टनर जॉन निनिया और एरिक गुयेन फर्म की जिम्मेदारी संभालेंगे। फर्म अपने निवेश दृष्टिकोण या दैनिक कार्यों में बिना किसी बदलाव के काम करना जारी रखेगी।”
--आईएएनएस
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