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बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच प्रमुख युद्धक्षेत्र के रूप में उभर रहे समुद्री चोकपॉइंट्स

वॉशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। अरब सागर, होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर मिलकर आपस में जुड़ा समुद्री नेटवर्क बनाते हैं, जो वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण आवागमन को बनाए रखता है। इनमें से किसी एक हिस्से में बाधा आने पर पूरे तंत्र पर श्रृंखलाबद्ध प्रभाव पड़ सकता है।
 
बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच प्रमुख युद्धक्षेत्र के रूप में उभर रहे समुद्री चोकपॉइंट्स

वॉशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। अरब सागर, होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर मिलकर आपस में जुड़ा समुद्री नेटवर्क बनाते हैं, जो वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण आवागमन को बनाए रखता है। इनमें से किसी एक हिस्से में बाधा आने पर पूरे तंत्र पर श्रृंखलाबद्ध प्रभाव पड़ सकता है।

अमेरिकी समाचार वेबसाइट होमलैंड सिकयोरिटी टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस आपसी जुड़ाव से यह स्पष्ट होता है कि समुद्री क्षेत्र को अलग-अलग हिस्सों के रूप में नहीं, बल्कि एक एकीकृत अवसंरचना प्रणाली के रूप में देखा जाना चाहिए।

इस परिदृश्य में, आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखने वाले महत्वपूर्ण प्रवाह अब राज्य और गैर-राज्य दोनों तरह के तत्वों के निशाने पर हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, “अरब सागर और उससे जुड़े जलमार्ग वैश्विक प्रणाली के सबसे महत्वपूर्ण अवसंरचना गलियारों में से एक हैं। होर्मुज स्ट्रेट को लाल सागर और आगे स्वेज नहर से जोड़ते हुए यह समुद्री क्षेत्र एशिया, मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के बीच ऊर्जा, वस्तुओं और डेटा के आवागमन को सुनिश्चित करता है। यह केवल एक भौगोलिक विस्तार नहीं बल्कि महत्वपूर्ण अवसंरचना प्रवाह की एकीकृत प्रणाली है और तेजी से आधुनिक संघर्ष का केंद्र बनता जा रहा है।”

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “हालिया घटनाक्रम दर्शाते हैं कि इस प्रणाली को राज्य, उनके सहयोगी समूहों और आतंकवादी संगठनों द्वारा अलग-अलग लेकिन आपस में जुड़े तरीकों से निशाना बनाया जा रहा है। इन खतरों को तीन मॉडलों के माध्यम से समझा जा सकता है—चोकपॉइंट बाधा, समुद्री घुसपैठ और लगातार समुद्री असुरक्षा। ये सभी मिलकर दिखाते हैं कि समुद्री क्षेत्र अब अवसंरचना-केंद्रित प्रतिस्पर्धा का प्रमुख मंच बन चुका है।”

रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि समुद्री अवसंरचना को निशाना बनाने का सबसे तात्कालिक और वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण उदाहरण होर्मुज स्ट्रेट में जारी संकट है।

यह संकरा मार्ग, जो पर्सियन गल्फ को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, फरवरी 2026 में संयुक्त राष्ट्र और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद से अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बना हुआ है। बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले “दुश्मन” व्यापारी जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, “ये घटनाएं अलग-थलग नहीं थीं बल्कि एक व्यापक रणनीति का हिस्सा थीं, जिसने इस जलमार्ग को सभी जहाजों के लिए असुरक्षित बना दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया और जहाज इस चोकपॉइंट पर फंस गए।”

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि समुद्री खतरे का एक और पहलू अधिक गुप्त लेकिन उतना ही गंभीर है। इसमें बताया गया कि पाकिस्तान आधारित आतंकी समूहों ने दिखाया है कि समुद्री मार्गों का उपयोग घुसपैठ के लिए किया जा सकता है, जिससे जमीन पर स्थित अवसंरचना पर हमले संभव हो जाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, “समग्र रूप से देखें तो समुद्री क्षेत्र अब सुरक्षा विश्लेषण के लिए परिधीय नहीं रहा है। यह महत्वपूर्ण अवसंरचना का केंद्रीय हिस्सा बन चुका है और राज्य तथा गैर-राज्य संघर्ष की बदलती गतिशीलता में एक प्रमुख मंच है।”

--आईएएनएस

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