मणिपुर के गृह मंत्री ने सीमा पर बाड़ लगाने के काम की समीक्षा की, सुरक्षा व्यवस्था को और तेज करने के निर्देश दिए
इंफाल, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह ने मंगलवार को भारत-म्यांमार सीमा पर सीमा सुरक्षा और चल रहे बाड़ लगाने के काम की समीक्षा की।
मणिपुर के पांच जिले, चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल, कामजोंग और उखरुल, म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर की बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।
गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक में मुख्य चर्चा सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास व बुनियादी ढांचे के कार्यों में तेजी लाने पर केंद्रित रही।
गृह मंत्री ने कहा कि वे एकजुट प्रयासों के माध्यम से मणिपुर में शांति, सुरक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस बैठक में उखरुल, तेंगनौपाल, चंदेल और चुराचांदपुर जिलों के उपायुक्तों के साथ-साथ विभिन्न विभागों, मणिपुर गृह विभाग, सीमा सड़क संगठन, सीमा सड़क कार्य बल और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
अधिकारी ने आगे बताया कि गृह मंत्री ने अधिकारियों को भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और बाड़ लगाने से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले, मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने भारत-म्यांमार सीमा पर चल रहे बाड़ लगाने के कार्यों की समीक्षा की थी।
राज्यपाल और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी इससे पहले बाड़ लगाने के कार्य की प्रगति और राज्य में समग्र कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की थी।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सीमा सड़क संगठन ने पिछले वर्ष मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में मोरेह शहर के निकट बाड़ लगाने के कार्य में तेजी लाई थी। उन्होंने आगे कहा कि यह कार्य विभिन्न चरणों में पूरा किया जा रहा है।
सीमा पर बाड़ लगाने की इस परियोजना का क्रियान्वयन सीमा सड़क कार्य बल के 'प्रोजेक्ट सेवक' द्वारा किया जा रहा है, जो नागालैंड और मणिपुर में सड़कों के निर्माण के लिए भी उत्तरदायी है। सीमा सड़क कार्य बल सीमा सड़क संगठन के अधीन कार्य करता है।
इस खुली और पहाड़ी सीमा क्षेत्र से मादक पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ उग्रवादियों और अन्य शत्रुतापूर्ण तत्वों की सीमा पार आवाजाही की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं।
इस बीच, मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने इससे पहले घोषणा की थी कि म्यांमार के साथ राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित 143 गांवों का विकास 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II' के तहत किया जाएगा, जिसमें बुनियादी ढांचे, आजीविका के अवसरों और आवश्यक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
--आईएएनएस
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