मणिपुर सरकार हिंसा से प्रभावित लोगों की वापसी के लिए काम कर रही है: सीएम खेमचंद सिंह
इंफाल, 5 अक्टूबर (आईएएसएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार को कहा कि 4 फरवरी, 2026 को नई सरकार बनने के बाद से राज्य सरकार हिंसा से प्रभावित और विस्थापित लोगों (आईडीपी) को उनके घरों और गांवों में वापस लाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि संकट के कारण पैदा हुए भरोसे की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने कई नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की है।
मुख्यमंत्री ने यह बात सोमवार को इंफाल के पैलेस कंपाउंड स्थित सिटी कन्वेंशन सेंटर में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत कही। इस कार्यक्रम में पात्र लेबर कार्ड धारकों (खासकर विस्थापित लोगों) को 2,19,25,000 रुपए के लाभ बांटे गए। यह मदद राहत शिविरों में रह रहे बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष योजना और मणिपुर बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (एमबीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूबी) की अन्य योजनाओं के तहत दी गई।
खेमचंद सिंह ने आगे कहा कि राहत शिविरों में रहना आरामदायक नहीं है और अपने घर वापस न जा पाना बहुत निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि इस संकट के कारण घाटी और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले निर्दोष लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
दीमापुर (नागालैंड) होते हुए इंफाल-गुवाहाटी बस सेवा फिर से शुरू होने के अच्छे नतीजों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्य के बाहर टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों और मणिपुर के बाहर पढ़ने वाले छात्रों पर बोझ कम हुआ है, क्योंकि हवाई किराया महंगा होता है।
उन्होंने बताया कि हर दिन लगभग 450 से 500 यात्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
एक अहम घटनाक्रम में, तीन साल से ज्यादा समय के बाद 21 अगस्त को मणिपुर, असम और नागालैंड के बीच अंतर-राज्यीय यात्री बस सेवा फिर से शुरू हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापित लोग (आईडीपी) अपना घर छोड़कर बिना किसी सामान के आए थे, और सरकार अलग-अलग सरकारी योजनाओं और बुनियादी जरूरतों के जरिए उनकी जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 2,531 विस्थापितों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (टीबीटी) के जरिए मदद दी जा रही है और कहा कि जिन विस्थापितों का अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उन्हें मदद पाने के लिए संबंधित अधिकारी के पास रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए।
'मिशन पाठशाला' के बारे में, राज्य सरकार यह पक्का करने की पूरी कोशिश कर रही है कि राज्य के विस्थापित छात्रों तक इसका फायदा पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि विस्थापितों की शिकायतों को दूर करने के लिए उनके प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं।
राज्यसभा सांसद अधिकारिमयुम शारदा देवी ने कहा कि राज्य के जरूरतमंद लोगों को मदद और सहयोग देना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों तक पहुंचकर और उनके लिए कई फायदेमंद योजनाएं लागू करके उन्हें सशक्त बनाया गया है। उन्होंने मणिपुर के लोगों की भलाई को प्राथमिकता देते हुए सड़क मार्ग से जिरीबाम जिले का दौरा करने के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के साहसी फैसले की भी सराहना की।
--आईएएनएन
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