मणिपुर सरकार ने फिर उठाई एनआरसी अपडेट की मांग, विधायकों का दल जल्द जाएगा दिल्ली
इंफाल, 18 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर सरकार ने मंगलवार को एक बार फिर राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को अपडेट करने की मांग दोहराई। सरकार का कहना है कि राज्य में जनसंख्या संरचना में बदलाव, जनसांख्यिकीय असंतुलन और अवैध प्रवास को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
मणिपुर के विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही नई दिल्ली जाएगा। यह दल केंद्र सरकार से मार्गदर्शन लेने के साथ-साथ राज्य में एनआरसी अपडेट प्रक्रिया शुरू करने की मांग दोबारा उठाएगा।
मणिपुर सरकार के प्रवक्ता नित्याइपत चुथेक और भाजपा विधायक सपम रंजन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार एनआरसी और जनगणना से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर है और इस संबंध में मणिपुर के लोगों की चिंताओं के साथ खड़ी है।
पूर्व मंत्री भी रह चुके सपम रंजन सिंह ने बताया कि मणिपुर विधानसभा ने 5 अगस्त 2022 को एक प्रस्ताव पारित कर राज्य में एनआरसी लागू करने की मांग की थी। इसके बाद 1 मार्च 2024 को विधानसभा ने इस प्रस्ताव की फिर से पुष्टि की थी।
दोनों नेताओं ने मीडिया को बताया कि यह मुद्दा लंबे समय से राज्य सरकार की चिंता का विषय रहा है और इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से लगातार पत्राचार किया जाता रहा है।
सपम रंजन सिंह ने कहा कि विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से इस विषय पर चर्चा करेगा और एनआरसी अपडेट प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह करेगा।
भाजपा विधायक ने कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक दल, समुदाय या अन्य मतभेदों से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह राज्य और उसके लोगों के भविष्य से जुड़ा है। सरकार नागरिक संगठनों और मणिपुर की जनता की उस मांग को स्वीकार करती है, जिसमें 2027 की जनगणना से पहले एनआरसी अपडेट करने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे को लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाती रहेगी और मांग को स्वीकार कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
राज्य के विभिन्न जिलों में जारी बंद और प्रदर्शनों पर सपम रंजन सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखें तथा हिंसा से बचें।
उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन से आम लोगों, छात्रों और रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। एनआरसी प्रक्रिया के संबंध में उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विषय है जिस पर विभिन्न स्तरों पर चर्चा और विचार-विमर्श की आवश्यकता है। एनआरसी लागू करने से पहले कई पहलुओं पर काम करना जरूरी होगा।
विधायक ने उम्मीद जताई कि लगातार प्रयासों और संवाद के जरिए इस दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि एनआरसी का मुद्दा सामूहिक प्रयास का विषय है और इसे राजनीतिक दलों, समुदायों या धर्म के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के साथ लगातार संवाद से सकारात्मक समाधान निकलेगा।
सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार के एक अन्य प्रवक्ता और विधायक थोकचोम राधेश्याम, विधायक थोकचोम श्यामकुमार, पी ब्रोजेन, टी रोबिंद्रो, एस प्रेमचंद्र, सपम कुंजकेश्वर सिंह, थोकचोम शांति और आशाब उद्दीन भी मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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