मणिपुर सरकार ने ईंधन संरक्षण और लागत में कटौती के उपायों की घोषणा की
इंफाल, 29 मई (आईएएनएस)। वैश्विक परिस्थितियों के बीच ईंधन बचत और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर मणिपुर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंफाल के मंत्रीपुखरी स्थित सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में, ईंधन संरक्षण और सरकारी खर्च के विवेकपूर्ण प्रबंधन पर केंद्रित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सरकार ने वीआईपी काफिलों का आकार कम करने, सुरक्षा समीक्षा के बाद सरकारी अधिकारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' व्यवस्था लागू करने, सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर रोक लगाने और गैर-जरूरी सरकारी खर्चों में कटौती करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से राज्य के खजाने पर बोझ कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया गया। परिवार कल्याण विभाग में सहायक नर्स एवं मिडवाइफ के 173 पदों को भरने को मंजूरी दी गई है। इन पदों के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता देगी।
इसके अलावा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में होने वाली भविष्य की भर्तियों के लिए दो साल की आयु सीमा में छूट देने का भी फैसला किया गया है। इससे युवाओं को सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर मिलेंगे।
कैबिनेट ने इंफाल-जिरीबाम और इंफाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजा दरों को भी मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इससे हाईवे परियोजनाओं का काम तेजी से पूरा होगा और राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
बैठक में मणिपुर स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड के पदों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई, ताकि कर्मचारियों को बेहतर पदोन्नति के अवसर मिल सकें।
इसके साथ ही न्यू डेवलपमेंट बैंक से वित्त पोषित 'मणिपुर वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट' की अवधि बढ़ाने और लोकटक झील को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 'लोकटक एक्सपीरियंस प्रोजेक्ट' को भी मंजूरी दी गई।
--आईएएनएस
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