मणिपुर के कुछ पहाड़ी इलाकों में अब भी अशांति, शांति और सुलह के लिए मिलकर काम करें: सीएम खेमचंद सिंह
इंफाल, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को माना कि पहाड़ी जिलों के कुछ इलाकों में अभी भी अशांति बनी हुई है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति और सद्भाव का संदेश फैलाने की अपील की, खासकर हिंसा से प्रभावित पहाड़ी इलाकों में।
मुख्यमंत्री ने कैथोलिक चर्च के नेताओं, शिक्षकों और छात्रों से लोगों के बीच शांति और सद्भाव का संदेश फैलाने की अपील की, विशेष रूप से अशांति से प्रभावित पहाड़ी इलाकों में।
खेमचंद सिंह ने रविवार को इंफाल के कांचीपुर स्थित कैथोलिक स्कूल में, "एक शांत मणिपुर के लिए एकजुट" (टुगेदर फॉर ए पीसफुल मणिपुर) विषय के तहत कैथोलिक वैली स्कूल्स की खेल और साहित्यिक प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन किसी व्यक्ति के भविष्य की नींव होता है, क्योंकि यह उसके चरित्र, आकांक्षाओं और जीवन के लक्ष्यों को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यक्रम का विषय मणिपुर के मौजूदा हालात में बहुत सार्थक और प्रासंगिक है।
राज्य की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने माना कि पहाड़ी जिलों के कुछ इलाकों में अभी भी अशांति बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांति बहाल करने और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी समझ को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जातीय संघर्ष के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में छात्र शामिल हैं, क्योंकि उनकी पढ़ाई-लिखाई बाधित हुई है।
उन्होंने बताया कि बंद और नाकेबंदी से न केवल छात्रों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ा है, बल्कि दिहाड़ी मजदूरों और समाज के उन अन्य वर्गों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए रोज की कमाई पर निर्भर हैं।
खेमचंद सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर को देश के बाकी हिस्सों के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बाधाएं युवा पीढ़ी के भविष्य पर बुरा असर डाल सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित "विकसित भारत 2047" के विजन का जिक्र करते हुए लोगों से एक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया, जिसमें मणिपुर भी देश की प्रगति में सक्रिय योगदान दे।
लोगों से अतीत की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को पीछे छोड़ने का आग्रह करते हुए, खेमचंद सिंह ने सभी समुदायों से क्षमा, सुलह और आपसी समझ की भावना को अपनाने की अपील की। उन्होंने शांति और सद्भाव के साथ रहने तथा एक शांतिपूर्ण, एकजुट और समृद्ध मणिपुर के निर्माण के लिए मिलकर काम करने के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में 13 कैथोलिक वैली स्कूलों ने हिस्सा लिया।
--आईएएनएस
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