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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ाने पर दिया जोर

इंफाल, 27 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को दोहराया कि उनकी सरकार राज्य में उच्च शिक्षा और कौशल विकास को समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
 
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ाने पर दिया जोर

इंफाल, 27 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को दोहराया कि उनकी सरकार राज्य में उच्च शिक्षा और कौशल विकास को समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के साथ मणिपुर विश्वविद्यालय के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि सरकार मणिपुर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ मिलकर काम करती रहेगी, ताकि युवाओं को सर्वोत्तम अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह मानवीय भावना, दृढ़ता, कड़ी मेहनत और स्नातक छात्रों की असीम संभावनाओं का उत्सव है।

सिंह ने कहा कि छात्रों की मेहनत, समर्पण और संघर्ष ने उन्हें इस गौरवपूर्ण क्षण तक पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि वर्षों से मणिपुर विश्वविद्यालय बौद्धिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, जहां ज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाया जाता है और कठोर शोध व आलोचनात्मक सोच के जरिए जटिल सामाजिक चुनौतियों का समाधान खोजा जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय आज के युवाओं को तैयार कर रहा है, जो राज्य और देश के विकास के स्तंभ और इंजन हैं।

मुख्यमंत्री ने यह बताते हुए खुशी जताई कि पिछले दो वर्षों में मणिपुर विश्वविद्यालय के 572 छात्रों को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि स्नातक छात्र केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए मूल्य, ज्ञान और जिम्मेदारी भी साथ लेकर जा रहे हैं, जो उन्हें देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।

सिंह ने छात्रों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण से प्रेरणा लेने का आग्रह किया, जिसमें युवाओं को “नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले” बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

इस मौके पर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने कहा कि यह अवसर स्नातक छात्रों के लिए गर्व और संतुष्टि का क्षण है, जो उनके शैक्षणिक सफर के समापन के साथ-साथ नई जिम्मेदारियों और अवसरों की शुरुआत भी है।

समारोह के दौरान 1,000 से अधिक छात्रों को डिग्री प्रदान की गई, जिनमें 332 को उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए स्वर्ण पदक दिए गए।

गौरतलब है कि यह दीक्षांत समारोह 12 साल के अंतराल के बाद आयोजित किया गया, इससे पहले यह 2013 में हुआ था।

इस कार्यक्रम में बेथनी कॉलेज, चुराचांदपुर; प्रेसिडेंसी कॉलेज, मोटबुंग (कांगपोकपी) और मोरेह कॉलेज, मोरेह के छात्र और शिक्षक वर्चुअली शामिल हुए।

समारोह में चांसलर प्रो. टी. तिरुपति राव, कुलपति प्रो. एन. लोकेंद्र सिंह, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के महासचिव पंकज मित्तल, विभिन्न विभागों के डीन, शिक्षक और छात्र भी उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

डीएससी