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मणिपुर में तीन ग्रामीणों की हत्या-आगजनी पर सीएम सख्त, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के आदेश

इंफाल, 5 जून (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में हुए हमले में एक महिला समेत तीन ग्रामीणों की हत्या और कई घरों में आगजनी की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
 
मणिपुर में तीन ग्रामीणों की हत्या-आगजनी पर सीएम सख्त, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के आदेश

इंफाल, 5 जून (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में हुए हमले में एक महिला समेत तीन ग्रामीणों की हत्या और कई घरों में आगजनी की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निहत्थे और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को हमले में शामिल लोगों की तत्काल पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।

उन्होंने इस घटना को "जघन्य और कायरतापूर्ण कृत्य" बताते हुए कहा कि निर्दोष ग्रामीणों की हत्या के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव राहत और सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 3 जून की रात मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के दौरान ड्यूटी पर तैनात मणिपुर पुलिस के हवलदार सुरेश सिंह की हत्या की भी निंदा की। उन्होंने थौबल जिला पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की सराहना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

पुलिस के अनुसार, थौबल जिले में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसी दौरान एक आरोपी मोहम्मद नौबी उर्फ माहिल (25) ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर हवलदार सुरेश सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बाद में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

वहीं, शुक्रवार को कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में हुए हमले की कई आदिवासी संगठनों ने भी निंदा की है। कुकी-ज़ो काउंसिल और कुकी इनपी मणिपुर ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

केजेडसी ने एक बयान में आरोप लगाया कि हमले में कथित तौर पर एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (कामसन) से जुड़े उग्रवादी शामिल थे। संगठन के अनुसार हमलावरों ने गांव पर हमला कर तीन ग्रामीणों लेतखोंगम हाओकिप, टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप की हत्या कर दी। इसके अलावा सात घरों में आग लगा दी गई, जिससे कई परिवार बेघर हो गए।

केजेडसी ने कहा कि हाल के महीनों में कूकी-जो समुदाय के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें उखरूल जिले के थावाई कूकी गांव में दो किशोरों की हत्या, तीन पादरियों की हत्या और कांगपोकपी जिले के खराम वैफेई गांव में आगजनी की घटनाएं शामिल हैं।

संगठन ने कहा कि लगातार हो रही हिंसा से कूकी-जो समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ी है। साथ ही उसने केंद्र सरकार से लंबे समय से लंबित राजनीतिक मांगों के समाधान में तेजी लाने की अपील की, ताकि समुदाय के लोग शांति, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।

केजेडसी ने कहा कि कूकी-जो समुदाय अपनी राजनीतिक मांगों को लेकर गृह मंत्रालय के साथ संवाद जारी रखे हुए है और लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक तरीकों से स्थायी समाधान चाहता है।

--आईएएनएस

डीएससी