मणिपुर के मुख्यमंत्री ने जेएनयू से बर्खास्तगी के बाद सांसद अकोइजम के इस्तीफे की मांग की
इंफाल/नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के संसद से इस्तीफे की मांग की। उनकी यह मांग यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) द्वारा अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किए जाने के एक दिन बाद आई।
फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मणिपुर के मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने लिखा कि इनर मणिपुर के सांसद प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से बर्खास्त करना बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि आधिकारिक आदेश के अनुसार, आंतरिक समिति ने विश्वविद्यालय में उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की और कड़ी सजा की सिफारिश की। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक उच्च विधायी पदधारी और प्रोफेसर द्वारा इस प्रकार का गंभीर दुराचार अस्वीकार्य है और मणिपुर की छवि को धूमिल करता है। सांसद जनता की आवाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए संसद की गरिमा को बनाए रखना आवश्यक है। जब इसकी गरिमा से समझौता होता है, तो जनता का विश्वास कम हो जाता है। नैतिक आधार पर, प्रोफेसर अकोइजम ने जन प्रतिनिधि के रूप में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है और जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें लोकसभा से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस बीच, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने शुक्रवार को एक आदेश में कहा कि सामाजिक विज्ञान संकाय के सामाजिक प्रणाली अध्ययन केंद्र के प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के मद्देनजर आंतरिक समिति द्वारा जांच की गई थी।
जांच के आधार पर, आंतरिक समिति ने सेवा नियमों के अनुसार और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियमों का हवाला देते हुए प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजम को कड़ी सजा देने की सिफारिश की है।
आदेश में कहा गया कि उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए और सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद, तथा आंतरिक समिति की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के सामाजिक प्रणाली अध्ययन केंद्र के प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय की सेवाओं से बर्खास्त किया जाता है।
इस समाचार रिपोर्ट को लिखे जाने के समय तक, मणिपुर के भीतरी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अकोइजम की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मई में कम से कम 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने छात्रों को बैठकों या सभाओं के बहाने अपने कैंपस आवास पर बुलाया और उनका यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया।
कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां कीं।
बताया गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें बर्खास्त करने के निर्णय से पहले हुई जांच के हिस्से के रूप में इन आरोपों और शिकायतों की जांच की गई थी।
इस रिपोर्ट को लिखते समय जांच के विशिष्ट निष्कर्ष उपलब्ध नहीं थे।
--आईएएनएस
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