ममता बनर्जी हिंदू बंगालियों के बजाय मुस्लिम घुसपैठियों को लेकर ज्यादा चिंतित : भाजपा
कोलकाता, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी 'बंगालियों खासकर हिंदू बंगालियों' से ज्यादा 'मुस्लिम घुसपैठियों' को लेकर चिंतित हैं।
भाजपा ने साथ ही तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि उसने भारतीय टेनिस स्टार लिएंडर पेस को 'बाहरी' बताया जबकि वह मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए थे।
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला।
लिएंडर पेस के मुद्दे पर अमित मालवीय ने कहा, "तृणमूल को बंगालियों, खासकर हिंदू बंगालियों से समस्या है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने मिट्टी के सपूत लिएंडर पेस को बाहरी कहा, जिसके बाद उन्हें यह बताना पड़ा कि वह माइकल मधुसूदन दत्त जैसे महान राष्ट्रवादी के वंशज होने पर गर्व महसूस करते हैं, जिन्होंने बंगाली और भारतीय साहित्य में बड़ा योगदान दिया।"
इसी बयान में अमित मालवीय ने उस पत्र का भी जिक्र किया, जो ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखा था। इस पत्र में उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर आरोप लगाया था कि वे फॉर्म-6 के जरिए अन्य राज्यों के लोगों को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
मालवीय ने कहा, "अब खुद मुख्यमंत्री चुनाव आयोग को पत्र लिखकर बंगालियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने के खिलाफ उठाए गए कदमों को असंवैधानिक बता रही हैं। ममता बनर्जी को बड़ा जनसमर्थन अवैध मुस्लिम घुसपैठियों से मिलता है, और उन्हें बचाने के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। चाहे सुप्रीम कोर्ट जाना पड़े या हिंदू बंगालियों को ही बाहरी बताना पड़े। इसका जवाब जनता वोट के जरिए देगी।"
इस बीच, अमित मालवीय ने एक अन्य पोस्ट में राज्य के आलू किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर भी पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कभी आलू उत्पादन में अग्रणी रहा बंगाल आज संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा, "राज्य के किसान अपनी मेहनत की फसल को महज 1 रुपए प्रति किलो की कीमत पर बेचने को मजबूर हैं, जो उनकी लागत भी नहीं निकाल पा रही है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक और दुखद है।"
--आईएएनएस
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