मणिपुर : 8.5 करोड़ रुपए मूल्य की हेरोइन जब्त, दो गिरफ्तार
इम्फाल, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने असम राइफल्स और राज्य पुलिस के साथ मिलकर मणिपुर में दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है और 8.5 करोड़ रुपए कीमत की 4.267 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इस कार्रवाई में म्यांमार से जुड़े एक तस्करी नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया गया है।
मंगलवार को चलाए गए इस संयुक्त अभियान में 374 साबुन के डिब्बों में छिपाकर रखी गई करीब 4.267 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 8.5 करोड़ रुपए बताई गई है।
अधिकारी ने इस ऑपरेशन को सीमा पार ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की इम्फाल जोनल यूनिट ने असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर चुराचांदपुर जिले के खुआखुआल के पास एक दूरदराज इलाके में छापेमारी की। यह जिला म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा हुआ है।
अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने एक जिप्सी वाहन और एक केनबो मोटरसाइकिल को रोका। तलाशी के दौरान करीब 4.267 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई और तस्करी में शामिल दो लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों ने आरोपियों के पास से दो वायरलेस संचार उपकरण भी बरामद किए, जिनका इस्तेमाल वे मादक पदार्थों की ढुलाई के समन्वय के लिए करते थे।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह हेरोइन म्यांमार से लाई गई थी।
अधिकारी ने कहा कि यह बरामदगी भारत-म्यांमार सीमा पर जारी ड्रग तस्करी की गंभीर चुनौती को दर्शाती है, जहां अंतरराष्ट्रीय गिरोह इस मार्ग का लगातार इस्तेमाल करते हैं।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पूर्वोत्तर क्षेत्र में, खासकर भारत-म्यांमार सीमा के पास, ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने और सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए अपने अभियान तेज कर रहा है।
यह कार्रवाई मणिपुर में एजेंसी द्वारा किए गए कई सफल अभियानों की कड़ी में एक और उपलब्धि है, जो मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2025 में मणिपुर में 335 करोड़ रुपए मूल्य के ड्रग्स जब्त किए गए थे, जबकि 2026 में अब तक 75 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं।
मामले में आगे की जांच जारी है, जिसमें नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाया जा रहा है।
--आईएएनएस
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