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महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव : पांच सीटों के लिए मतदान, महायुति और एमवीए ने जीत का दावा किया

मुंबई, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों, तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों, के लिए शुक्रवार को मतदान चल रहा है। इस चुनाव में 182 उम्मीदवार मैदान में हैं और उनका राजनीतिक भविष्य 2,419 मतदान केंद्रों पर रखे मतपेटियों में बंद हो रहा है। मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है।
 

मुंबई, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों, तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों, के लिए शुक्रवार को मतदान चल रहा है। इस चुनाव में 182 उम्मीदवार मैदान में हैं और उनका राजनीतिक भविष्य 2,419 मतदान केंद्रों पर रखे मतपेटियों में बंद हो रहा है। मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है।

शुक्रवार को मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चलेगा। मतदान पुणे शिक्षक और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों, अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, तथा नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहा है।

इन क्षेत्रों में बागी उम्मीदवारों ने सत्ताधारी महायुति और महा विकास अघाड़ी, दोनों के लिए चुनाव को कठिन बना दिया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पुणे के कोथरुड स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल में अपना वोट डाला। मतदान करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, मोहोल ने पूरा भरोसा जताया कि सत्ताधारी महायुति गठबंधन सभी पांचों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करेगा।

मोहोल ने कहा कि स्नातक और शिक्षक मतदाता पढ़े-लिखे और समझदार होते हैं। वोट डालने से पहले मतदाता देश की प्रगति, वैश्विक घटनाओं और प्रधानमंत्री मोदी तथा मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में राज्य के विकास की तेज गति का आकलन करते हैं।

मोहोल ने जोर देकर कहा कि सहकारी चुनावों और विधान परिषद चुनावों की कार्यप्रणाली पूरी तरह से अलग होती है।

उन्होंने स्मिता जाधव और कौस्तुभ गावड़े जैसे उम्मीदवारों की जीत पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि गठबंधन का समर्थन करने वाले मतदाता पूरी तरह से उनके साथ खड़े रहेंगे।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने भी कहा कि महायुति सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, पुणे की दोनों सीटों, छत्रपति संभाजी नगर और अमरावती सहित सभी पांचों सीटों पर जीत का दावा किया। चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाते हुए, वडेट्टीवार ने कहा कि मतदाता सूची में खामियां एक बड़ा मुद्दा हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर करती है क्योंकि वह निष्पक्ष तरीके से चुनाव नहीं जीत सकती।

पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक, लगभग 3.88 लाख मतदाता हैं। वहीं, अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम, लगभग 35,000 मतदाता हैं। मतपत्र की वैधता सुनिश्चित करने के लिए, मतदाताओं को अपनी पहचान के वैध दस्तावेज दिखाने थे। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, सरकारी या अर्ध-सरकारी सेवा पहचान पत्र, सांसद, विधायक, एमएलसी के आधिकारिक पहचान पत्र, शैक्षणिक संस्थानों के पहचान पत्र, या विश्वविद्यालय की मूल डिग्री, डिप्लोमा प्रमाण पत्र शामिल थे।

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया के दौरान, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी और पार्टी नेताओं ने कई मतदान केंद्रों पर 8,744 मतदाताओं के नाम दो बार होने पर चिंता जताई और इसे एक गंभीर मामला बताया।

कांग्रेस के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि लगभग 20,000 से 22,000 मतदाताओं का पंजीकरण एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग करके किया गया था। उन्होंने सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता प्रफुल्ल गुढे ने संभागीय आयुक्त को एक औपचारिक पत्र सौंपकर इस मामले की जांच की मांग की।

शिकायतें मिलने के बाद, मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारियों ने उन मतदाताओं से लिखित घोषणा पत्र भरवाए, जिनके नाम सूची में दो बार थे। इस घोषणापत्र में उन्हें यह पुष्टि करनी थी कि वे केवल एक ही निर्धारित स्थान पर मतदान कर रहे हैं और कहीं और वोट नहीं डालेंगे।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम