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महाराष्ट्र ने पारिवारिक कृषि भूमि के बंटवारे पर लगने वाली 200 रुपए की रजिस्ट्रेशन फीस माफ की

नागपुर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को रिश्तेदारों के बीच कृषि भूमि के बंटवारे के दस्तावेजों पर लगने वाली रजिस्ट्रेशन फीस को खत्म करने की घोषणा की। यह राजस्व विभाग द्वारा कई सुधार शुरू करने की पहल का हिस्सा है।
 

नागपुर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को रिश्तेदारों के बीच कृषि भूमि के बंटवारे के दस्तावेजों पर लगने वाली रजिस्ट्रेशन फीस को खत्म करने की घोषणा की। यह राजस्व विभाग द्वारा कई सुधार शुरू करने की पहल का हिस्सा है।

मंत्री बावनकुले ने बताया कि राज्य सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 की धारा 85 के तहत सह-हिस्सेदारों या परिवार के सदस्यों के बीच कृषि भूमि के बंटवारे के दस्तावेजों पर कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी।

इस फैसले से पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया आसान, अधिक पारदर्शी और आर्थिक रूप से किफायती हो जाएगी, जिससे किसान परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

इससे पहले, 2016 में लिए गए एक फैसले के बाद परिवार के सदस्यों के बीच कृषि भूमि के बंटवारे (गिफ्ट डीड) के दस्तावेजों पर 200 रुपए की फीस ली जाती थी।

मंत्री ने कहा कि 200 रुपए की इस फीस को खत्म करने से छोटे और गरीब किसानों को काफी फायदा होगा।

मंत्री बावनकुले ने कहा कि खेती करने वाले परिवारों के लिए जमीन के बंटवारे पर 200 रुपए की रजिस्ट्रेशन फीस माफ करना, महाराष्ट्र रेवेन्यू डिपार्टमेंट की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है जिसका मकसद जमीन से जुड़े कामकाज को आसान बनाना, प्रोसेस में होने वाली देरी को कम करना और किसानों के परिवारों के लिए पैसों से जुड़ी दिक्कतों को दूर करना है।

मंत्री बावनकुले ने बताया कि पिछले हफ्ते उन्होंने ग्रामीण इलाकों में खेती की जमीन के रास्तों, पारंपरिक आने-जाने के रास्तों या पानी के बहाव में रुकावट डालने वालों के खिलाफ किसानों के हित में एक सख्त कदम उठाया।

रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने 'मामलतदार कोर्ट्स एक्ट' में अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत, सुनवाई के नोटिस अब सीधे ईमेल से भेजे जाएंगे। साथ ही, अगर तहसीलदार (मामलतदार) के आदेश के बावजूद कब्जा नहीं हटाया जाता है, तो प्रभावित किसानों को मुफ्त पुलिस सुरक्षा देना जरूरी कर दिया गया है।

इस बारे में एक सर्कुलर भी जारी किया गया है।

--आईएएनएस

एमएस/