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महाराष्ट्र सरकार ने एमपीएससी सचिव महेंद्र हरपालकर की प्रतिनियुक्ति समाप्त की

मुंबई/पुणे, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने शुक्रवार को एमपीएससी सचिव महेंद्र उत्तमराव हरपालकर की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का आधिकारिक आदेश जारी किया।
 

मुंबई/पुणे, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने शुक्रवार को एमपीएससी सचिव महेंद्र उत्तमराव हरपालकर की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का आधिकारिक आदेश जारी किया।

आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक कारणों से हरपालकर की प्रतिनियुक्ति समय से पहले समाप्त की जा रही है और उन्हें तत्काल कार्यभार सौंपने का निर्देश दिया गया है।

यह आधिकारिक आदेश बुधवार को मुख्यमंत्री फडणवीस और एमपीएससी के विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद जारी किया गया है।

उम्मीदवार परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों पर जवाबदेही की मांग कर रहे थे, विशेष रूप से एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एमपीएससी सचिव का तत्काल तबादला किया जाएगा।

हालांकि, मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया था कि एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग करना न तो कानूनी रूप से उचित है और न ही न्यायसंगत है।

हरपालकर संयुक्त सचिव कैडर के अधिकारी हैं और उन्हें मूल रूप से दिसंबर 2025 में दो साल के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल छोटा कर दिया गया है। उन्हें एमपीएससी अध्यक्ष की सहमति से तत्काल एक नामित अधिकारी को कार्यभार सौंपने का निर्देश दिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा उनके अगले कार्यभार के संबंध में अलग से प्रशासनिक आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।

एमपीएससी सचिव के तबादले के अलावा, राज्य सरकार ने एमपीएससी उम्मीदवारों की चिंताओं को दूर करने के लिए कई महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की।

एमपीएससी पदाधिकारियों और सदस्यों के कामकाज की न्यायिक जांच का आदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री ने उम्मीदवारों को आश्वासन दिया कि भर्ती परीक्षाएं पारंपरिक ऑफलाइन प्रारूप में जारी रहेंगी।

स्थानांतरण आदेश जारी होने और व्यवस्थागत सुधारों के आश्वासन के बाद, छात्र संगठनों ने अपना नियोजित आंदोलन स्थगित कर दिया।

एनसीपी-एसपी विधायक रोहित पवार वर्तमान में पुणे में एमपीएससी अध्यक्ष को हटाने की मांग को लेकर एमपीएससी उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं। उन्होंने एमपीएससी सचिव के तबादले के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में रोहित पवार ने कहा कि एमपीएससी सचिव महेंद्र हरपालकर का बहुप्रतीक्षित तबादला आखिरकार हो गया है—इसके लिए सरकार का आभार! अब सिर्फ एक ही मुख्य मुद्दा बचा है, और वो है भ्रष्ट अध्यक्षों को हटाना..! सरकार को अपना अहंकार छोड़कर छात्रों की वास्तविक भावनाओं को समझना चाहिए और अध्यक्ष भीमनावर को तुरंत पद से हटाना चाहिए।

इस बीच, एमपीएससी के उम्मीदवार पुणे में एमपीएससी अध्यक्ष के तत्काल इस्तीफे और कथित परीक्षा पेपर लीक और परिचालन अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

रोहित पवार भी प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों के साथ मैदान में उतरे और सत्याग्रह करते हुए घोषणा की कि जब तक उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

भीड़ को संबोधित करते हुए रोहित पवार ने कहा कि एमपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा छात्रों की प्राथमिक मांग है। राज्य सरकार जानबूझकर इन शिकायतों को नजरअंदाज कर रही है। हमने छात्रों के साथ मिलकर यह सत्याग्रह शुरू किया है और हम उनका इस्तीफा हासिल किए बिना पीछे नहीं हटेंगे। एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने विरोध स्थल का दौरा किया और एमपीएससी परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों से बातचीत की। शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत शुक्रवार शाम को वहां पहुंचेंगे।

--आईएएनएस

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