नेपाल में बाढ़ में फंसे पर्यटकों की सहायता के लिए सरकार केंद्र के संपर्क में: गिरीश महाजन
मुंबई, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में भीषण बाढ़, भूस्खलन और भूकंप के बाद महाराष्ट्र सरकार प्रभावित क्षेत्रों में फंसे राज्य के पर्यटकों के बारे में सक्रिय रूप से जानकारी जुटा रही है।
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने गुरुवार को पुष्टि की कि राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं और राहत तंत्र चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
महाजन ने बताया कि अधिकारियों ने अब तक चार पर्यटकों से सफलतापूर्वक संपर्क किया है और उनकी सुरक्षा की पुष्टि की है। प्रशासन ने लगभग 80 लोगों का विवरण एकत्र किया है। हालांकि, क्षतिग्रस्त मोबाइल नेटवर्क और लैंडलाइन सेवाओं के ठप होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में संचार बुरी तरह प्रभावित रहा।
रिचर्ड टूर्स एंड ट्रेवल्स द्वारा आयोजित दो वाहनों से पर्यटकों का एक समूह मानसरोवर गया था। एक वाहन में सवार लगभग 37 यात्रियों की सुरक्षा की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के कारण परिवहन में भारी व्यवधान के बावजूद शेष यात्रियों का पता लगाने के लिए अभियान जारी है।
महाजन ने परिवारों से न घबराने की अपील करते हुए जोर दिया कि केंद्र और राज्य दोनों एजेंसियां महाराष्ट्र से आए हर यात्री का पता लगाने और उनकी सहायता करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र के सभी जिला कलेक्टरों को हाल ही में नेपाल-तिब्बत क्षेत्र की यात्रा करने वाले निवासियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने परिजनों और आम जनता से अपील की है कि वे फंसे हुए व्यक्तियों के बारे में उपलब्ध किसी भी जानकारी को साझा करें।
सूचना जुटाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और तत्काल राहत प्रदान करने के लिए, महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (नियंत्रण कक्ष, मंत्रालय) ने एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल और 24/7 हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं।
सरकार ने निम्नलिखित नंबर जारी किए हैं: राज्य नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री नंबर 1070 और नियंत्रण कक्ष की सीधी लाइन +91-9321587143। आधिकारिक ईमेल पता कंट्रोलरूम@महाराष्ट्र.जीओवी.इन है।
महाजन ने कहा कि नेपाल में मौजूद पर्यटकों के परिवार के सदस्यों को आधिकारिक लिंक के माध्यम से पूरी जानकारी जमा करने या तत्काल नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
--आईएएनएस
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